वर्दी में रील और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले पुलिसकर्मियों की अब खैर नहीं। लखनऊ पुलिस लाइन के सिपाही सुनील कुमार शुक्ला के वायरल वीडियो के बाद विभाग ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।

सिपाही सुनील कुमार शुक्ला के वीडियो के बाद कार्रवाई तेज कर दी गई है। सिपाही सुनील कुमार ने कुछ दिन पहले विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कई वीडियो वायरल कर दिए थे। इसके बाद पुलिस विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया।

निलंबन के बाद पूरे उत्तर प्रदेश पुलिस में वर्दी में रील बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया गया है। अब पुलिस न सिर्फ ऐसे लोगों की तलाश कर रही है, बल्कि रीलबाज पुलिसकर्मियों को भी चिन्हित करने में जुटी हुई है।

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14 रील बाज जवान चिन्हित, नोटिस जारी

विभाग ने अब तक 14 पुलिसकर्मियों को रील बनाने के आरोप में चिन्हित कर लिया है। सभी को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। एक पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश भी कर दी गई है।

चिन्हित पुलिसकर्मियों के नाम क्या हैं?

  • दीवान धीरेंद्र प्रताप सिंह
  • मनोज कुमार तिवारी
  • सिपाही गीता देवी
  • सिंधु राय
  • रोहित
  • आरती
  • जमैनी सिंह
  • संगम मौर्य
  • विमल सिंह
  • कल्पना सागर
  • मोहम्मद कामिल
  • दरोगा आशीष सिंह
  • आशीष पटेल

क्या है विभाग का नियम?

यूपी पुलिस की सोशल मीडिया नीति के अनुसार, वर्दी में या ड्यूटी के दौरान वीडियो या रील बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस नियम का उल्लंघन करने पर सीधे विभागीय कार्रवाई होती है। अब इस नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है। हाल ही में नाका थाने की सिपाही नीतू को सोशल मीडिया पर अभद्र कमेंट करने के आरोप में निलंबित किया गया था। 

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कार्रवाई की खबर लगते ही डिलीट करने लगे रील

जैसे ही विभागीय कार्रवाई की खबर फैली, कई पुलिसकर्मी अपने पुराने वीडियो और रील्स डिलीट करने में जुट गए। रीलबाज जवानों में खलबली मची हुई है। एसीसी साइबर क्राइम सौम्या पांडेय ने बताया कि कई पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया गया है। सभी के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित जोन के डीसीपी और विभाग प्रमुखों को पत्र लिख दिया गया है। विभाग अब ऐसे कर्मचारियों पर लगातार नजर रख रहा है जो वर्दी की गरिमा को सोशल मीडिया पर मिटाते नजर आ रहे हैं।