पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सोमवार को अपनी सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग के लिए 'नबन्ना' (पश्चिम बंगाल सचिवालय) पहुंचे। पहली मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि उनकी सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन देने, प्रदेश में आयु्ष्मान भारत समेत केंद्र सरकार की तमाम योजनाओं को लागू करने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) को भी लागू करने का फैसला लिया है। इस मौके पर उन्होंने ममता बनर्जी की पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाए कि उसने BNS को लागू न करके संविधान का उल्लंघन किया था।
अपनी कैबिनेट की पहली मीटिंग के बाद मीडिया को संबोधित करते शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार ने ना सिर्फ तुष्टीकरण का काम किया बल्कि संविधान का भी उल्लंघन किया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि महिला आरक्षण को रोकने के लिए पश्चिम बंगाल में जनगणना को रोका गया और इसकी जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी भी बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास बहुत जिम्मेदारियां है और लोगों के लिए काम करना है।
क्या फैसले लिए?
केंद्र सरकार और गृहमंत्री अमित शाह ने कई बार आरोप लगाए थे कि बांग्लादेश बॉर्डर पर घुसपैठ को रोकने के लिए बाउंड्री बनाने के काम में ममता सरकार अड़ंगा डालती है और जमीन नहीं देती है। अब बीजेपी की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने बीएसएफ को जमीन देने का फैसला किया है और कहा है कि सोमवार से ही शुरुआत करके अगले 45 दिन में यह काम पूरा कर लिया जाएगा।
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शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा, 'पीछे जो सरकार थी, उसे जनता ने पूरी तरह से रिजेक्ट कर दिया और बीजेपी को बड़ा मैंडेट दिया। उस सरकार ने केवल तुष्टीकरण, परिवारवाद, संस्थागत भ्रष्टाचार, महिलाओं के ऊपर अत्याचार किया और सिर्फ गवर्नेंस को खत्म नहीं किया बल्कि संविधान को भी खत्म कर दिया। 16 जून 2025 को गृह मंत्रालय के रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने अधिसूचना जारी की थी लेकिन आज एक साल होने वाला है और इन लोगों ने जनगणना को रोक रखा था। इसका मकसद यही था कि महिलाओं को आरक्षण न मिल सके।
उन्होंने टीएमसी की पिछली सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा, 'हम फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के जरिए इसकी जांच कराएंगे और आज प्रशासनिक आदेश जारी कर दिया है कि जनगणना आज से ही शुरू हो जाएगी। यह फैसला 11 महीने बाद लागू हो रहा है। प्रधानमंत्री ने वादा किया था और आयुष्मान भारत को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है, जो प्रक्रिया करनी है, वह आज से शुरू हो जाएगी।'
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वादे के मुताबिक, स्कूलों की नौकरियों में पांच साल की छूट दी जाएगी। साथ ही, चीफ सेक्रेटरी को अधिकार दिए जाएंगे ताकि वह राष्ट्रीय और राज्य काडर के अधिकारियों को केंद्र सरकार की ट्रेनिंग के लिए भेज सकेंगे।
शुभेंदु अधिकारी सरकार की पहली कैबिनेट के फैसले
- पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू होगी
- भारतीय न्याय संहिता लागू होगी
- जनगणना का काम आज से ही शुरू होगा
- बांग्लादेश बॉर्डर पर बाउंड्री बनाने के लिए BSF को जमीन दी जाएगी
- जमीन देने का काम 45 दिन में पूरा किया जाएगा
- केंद्र सरकार की अन्य योजनाएं भी बंगाल में लागू की जाएंगी
- स्कूलों की नौकरियों में पांच साल की छूट दी जाएगी
- बंगाल के अधिकारियों को केंद्र सरकार की ट्रेनिंग दी जाएगी
BJP ऑफिस भी गए सीएम शुभेंदु
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को ही पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के साथ कोलकाता के पूर्वी हिस्से में साल्ट लेक स्थित बीजेपी कार्यालय पहुंचकर संगठनात्मक बैठक में हिस्सा लिया। इस मीटिंग के बाद समिक भट्टाचार्य ने पत्रकारों से कहा कि सरकार और पार्टी जनता के कल्याण के लिए अपने-अपने तरीके से लेकिन तालमेल के साथ अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। उन्होंने कहा, 'चुनावी वादे पूरे किए जाएंगे।' मुख्यमंत्री ने वहां जुटे सैकड़ों लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास’ हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत होगा।'
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बता दें कि इस मौके पर साल्ट लेक स्थित बीजेपी कार्यालय को फूलों से सजाया गया था। वहां जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का चित्र और ‘भारत माता’ की तस्वीर लगाई गई थी। पार्टी कार्यालय में ‘जय श्रीराम’ के नारों के बीच बीजेपी कार्यकर्ताओं ने शुभेंदु अधिकारी का 207 कमलों के साथ स्वागत किया, जो विधानसभा चुनाव में पार्टी द्वारा जीती गई सीटों की संख्या का प्रतीक था। इस अवसर पर बिधाननगर के विधायक शरद्वत मुखर्जी सहित कई बीजेपी विधायक और पार्टी नेता लॉकेट चटर्जी और सौमित्र खान सहित बीजेपी नेता मौजूद थे।
