महोबा में चरखारी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक बृजभूषण राजपूत के काफिले के साथ हुए भीषण सड़क हादसे ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक ने इस घटना को महज सड़क हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे अपनी हत्या की कोशिश बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने करीब दो महीने पहले ही बीजेपी प्रदेश नेतृत्व और डीजीपी को पत्र लिखकर अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी। अब डंपर की टक्कर के बाद उन्होंने पूरे मामले की एसआईटी जांच की मांग कर दी है।


बुधवार देर रात विधायक बृजभूषण राजपूत हमीरपुर जिले के मुस्करा क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह से अपने घर लौट रहे थे। उनके साथ निजी वाहन के अलावा एस्कॉर्ट की गाड़ियां भी चल रही थीं। रात करीब 12:35 बजे महोबा के खरेला थाना क्षेत्र में संकट मोचन मंदिर के पास सामने से आ रहे केला लदा डंपर कथित तौर पर विधायक की कार की ओर मुड़ गया। 


विधायक के चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए कार को सड़क किनारे उतार दिया, जिससे विधायक सुरक्षित बच गए। हालांकि पीछे चल रही एस्कॉर्ट स्कॉर्पियो डंपर की चपेट में आ गई और उसमें सवार सरकारी गनर, निजी सुरक्षा गार्ड और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।

 

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'पहले मुझे निशाना बनाया गया'

विधायक बृजभूषण राजपूत का आरोप है कि डंपर ने पहले उनकी कार को निशाना बनाने की कोशिश की। जब चालक ने कार बचा ली तो पीछे चल रही एस्कॉर्ट गाड़ी को टक्कर मार दी। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एसआईटी जांच होनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि यह हादसा था या सुनियोजित साजिश।

दो महीने पहले ही भेजा था खतरा होने का पत्र

विधायक ने दावा किया कि उन्होंने करीब दो महीने पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश के डीजीपी को पत्र भेजकर अपनी जान को खतरा होने की जानकारी दी थी। पत्र में यह आशंका भी जताई गई थी कि उनका सड़क हादसा कराया जा सकता है। अब उसी तरह की घटना होने के बाद उन्होंने पुराने पत्र का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।विधायक के पिता एवं पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत ने कहा कि उन्होंने भी बेटे के साथ मिलकर सुरक्षा को लेकर पत्र लिखा था। उनका कहना है कि अब जब उसी तरह की घटना सामने आई है तो पूरे मामले की एसआईटी से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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भाग रहे ड्राइवर को लोगों ने पकड़ा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद डंपर चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास कर रहा था। स्थानीय लोगों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर डंपर कब्जे में ले लिया। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र नंबर का यह डंपर मध्य प्रदेश से कानपुर की ओर केला लेकर जा रहा था।खरेला थाना पुलिस का कहना है कि डंपर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

 

जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह महज एक सड़क हादसा था या फिर विधायक की आशंका के अनुरूप कोई गहरी साजिश? इसका जवाब पुलिस जांच और यदि सरकार फैसला लेती है तो संभावित एसआईटी जांच के बाद ही सामने आएगा।