वाराणसी में स्थानीय लोग, मणिकर्णिका घाट पर चलाए गए ध्वस्तीकरण अभियान से नाराज हैं। मणिकर्णिका घाट के प्राचीन मंदिरों से जुड़ी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं हैं। वाराणसी पुलिस का कहना है कि कई लोग, जानबूझकर हिंदुओं को उकसाने के लिए अर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई तस्वीरें शेयर कर रहे हैं, जिससे भ्रामक सूचना फैल रही है। वाराणसी के थाना चौक पर 8 अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर गौरव बंसल ने कहा है कि ये मामले 8 लोगों और सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ हैंडल के खिलाफ दर् किए गए हैं। गौरव बंसल का कहना है कि मणिकर्णिका घाट पर जारी सौंदर्यीकरण के काम से जुड़े असली तथ्यों के उलट, मनगढ़ंत तस्वीरें और गुमराह करने वाली सामग्री सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर हुई है।
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क्यों पुलिस ने FIR दर्ज की है?
प्रशासनिक अधिकारियों का आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी तस्वीरें शेयर कर आम लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काई जा रहीं हैं। पुलिस का कहना है कि आम जनता में भ्रम और गुस्सा फैलाने के लिए यह किया जा रहा है। सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश हो रही है।
किसने FIR दर्ज कराई है?
वाराणसी पुलिस ने बताया कि इस संबंध में तमिलनाडु के रहने वाले एक शख्स ने FIR दर्ज कराई थी। शख्स का नाम केवी सेतुराजापुरम है। उनकी कंपनी मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार से जुड़ी सुविधाओं को दुरुस्त करने और घाट के सुंदरीकरण काम कर रही है।
AI इमेज शेयर हो रहे हैं लोग, पुलिस का दावा
केवी सुतुराजापुरम ने अपनी शिकायत में कहा है कि X पर एक यूजर अशुतोष पोटनिस ने 16 जनवरी की रात AI की मदद से बनाई गई एक भ्रामक तस्वीरे शेयर की है। इन तस्वीरों और पोस्ट में वास्तविक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है, जिससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं भड़कीं हैं। समाज का एक बड़ा वर्ग नाराज हुआ है।
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मोदी सरकार की तुलना औरंगजेब से
शिकायतकर्ता ने कहा है कि आशुतोष पोटनिस ने वाराणसी के ध्वस्तीकरण अभियान की तुलना औरंगजेब से की है, जिससे सरकार में आस्था रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुईं हैं, सामाजिक सौहार्द बिगड़ा है। इस पोस्ट पर लोगों ने सरकार को जमकर कोसा। वहां स्थितियां तनावपूर्ण हो गईं।
अब आगे क्या?
वाराणसी पुलिस ने कहा है कि ऐसी भ्रामक और गलत सूचनाएं फैलाकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा गया है। सरकार के खिलाफ गुस्से की लहर पैदा की गई है। अब पुलिस ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
