आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा को कई बार गिग वर्कर्स के मुद्दों पर खुलकर बोलते हुए देखा गया है। वह संसद और सोशल मीडिया, दोनों मंचों पर लगातार उनके हक में आवाज उठाते रहे हैं। दिसंबर 2025 में राज्यसभा में उन्होंने 10 मिनट डिलीवरी सिस्टम को तुरंत बंद करने की मांग की थी। इसके साथ ही वह सरकार से गिग वर्कर्स के लिए स्पष्ट और मजबूत नीति बनाने की अपील भी करते रहे हैं। हाल ही में राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह डिलीवरी बॉय की ड्रेस पहनकर सड़कों पर काम करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के साथ उन्होंने लिखा बोर्डरूम से दूर, जमीनी स्तर पर। मैंने उनका दिन जिया।

 

यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। कुछ लोग उनकी मंशा पर सवाल उठा रहे हैं जबकि कई लोग उनके इस कदम का समर्थन भी कर रहे हैं। इससे पहले भी राघव चड्ढा गिग वर्कर्स की हड़तालों का समर्थन कर चुके हैं और नए साल पर दिल्ली में हुई प्रतीकात्मक हड़ताल में भी शामिल हुए थे।

 

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डिलीवरी बॉय बने राघव

राज्यसभा सांसद का कहना है कि उन्होंने यह इसलिए किया क्योंकि वह डिलीवरी पार्टनर्स की रोजमर्रा की जिंदगी की तकलीफों को समझना चाहते थे। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में राघव पीली ड्रेस पहनकर तैयार हो रहे हैं। वह हेलमेट लगाकर एक डिलीवरू एजेंट की बाइक पर पीछे बैठकर शहर भर में ऑर्डर पूरे करते दिख रहे हैं। विजुअल्स में दिख रहा है कि वह वर्कर के साथ डिलीवरी करते हुए दिख रहे हैं जो एक रेगुलर शिफ्ट जैसा है।

 

अभी इस वीडियो का एक छोटा सा क्लिप ही शेयर किया गया है। यह किस शहर में शूट किया गया है और किस समय में किया गया है इसकी अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई हैं। इस छोटे क्लिप को शेयर करते हुए राघव ने लिखा, 'स्टे ट्यून'

पहले भी उठा चुके हैं मुद्दा

राघव का यह कदम गिग वर्कर्स की तरफ से पॉलिसी में बदलाव की बढ़ती मांगों के बीच आया है। इसके पहले भी वह दिसंबर 2025 में 10 मिनट डिलीवरी सिस्टम को बंद करने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि इससे डिलीवरी एजेंटों पर दबाव पड़ता है और दुर्घटनाएं बढ़ती हैं। उन्होंने गिग वर्कर्स के शोषण पर चिंता जताई और सरकार से नीति बनाने की अपील की थी।

 

जनवरी 2026 में केंद्र सरकार के गिग वर्कर्स के लिए लाए गए ड्राफ्ट बिल पर सोशल मीडिया पर उन्होंने खुशी जाहिर की थी। उन्होंने लिखा, 'सभी गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को बधाई। आप सबके लिए गुड न्यूज है। केंद्र सरकार के ड्राफ्ट Social Security Rules आपके काम की पहचान, सुरक्षा और सम्मान की दिशा में पहला कदम हैं। आपकी आवाज भले ही इन कंपनियों (जोमैटो, स्वीगी, ब्लिंकिट आदि) ने न सुनी हो लेकिन देश की जनता और सरकार ने जरूर सुनी। यह आपकी एक छोटी जीत है लेकिन एक महत्वपूर्ण जीत है'

 

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हड़ताल को किया सपोर्ट

3 जनवरी को उन्होंने लिखा, 'देशभर में डिलीवरी पार्टनर्स और गिग वर्कर्स ने हड़ताल की। उनकी मांगें बहुत सीधी थीं। वे सम्मान चाहते थे। उचित वेतन, सुरक्षा, साफ और तय नियम और सोशल सिक्योरिटी। इसके जवाब में कुछ प्लैटफॉर्म ने उन्हें 'उपद्रवी' कहा और यहां तक आरोप लगाया कि वे ऑर्डर चुराते हैं। एक मेहनत से जुड़ी मांग को कानून-व्यवस्था का मुद्दा बना दिया गया। यह सिर्फ अपमानजनक नहीं है, यह खतरनाक भी है'

दीपेंद्र गोयल पर भी साधा निशाना

गिग वर्कर्स को लेकर चल रही बहस के बीच राघव ने एक बार जोमैटो के फाउंडर और CEO दीपेंद्र गोयल पर निशाना साध चुके हैं। यूट्यूबर राज शामानी के साथ गोयल का पॉडकास्ट वायरल होने के बाद, चड्ढा ने वर्कर्स की चिंताओं पर कंपनी के जवाब की आलोचना करते हुए X पर लिखा, 'बस गिग वर्कर्स के साथ बातचीत की जरूरत थी। इसके बजाय, पेड ट्वीट, पर्सनल अटैक और एक पॉडकास्ट किया गया'

 

इस पर दीपेंद्र ने जवाब दिया, 'अगर कोई सिस्टम मूल रूप से गलत होता तो वह लगातार इतने सारे लोगों को आकर्षित बनाए नहीं रख पाता जो इसमें काम करना चुनते हैं' जोमैटो के CEO को एक अलग पोस्ट में विरोध करने वाले गिग वर्कर्स को 'बदमाश' कहने के लिए आलोचना का भी सामना करना पड़ा था।