संजय सिंह, पटना। नेपाल और बंगाल बॉर्डर पर कई संदिग्ध लोगों ने अपने आलीशान आशियाने बना रखे हैं। इन जगहों से तस्करी और राष्ट्र विरोधी गतिविधियां की आशंका है। ऐसे अब इन आलीशान मकानों पर सीमा सुरक्षा बल (SSB) और बिहार पुलिस की कड़ी नजर है। अब पुलिस इन मकान मालिकों से पूछताछ करेगी। बिहार पुलिस और सीमा सशस्त्र बल आलीशान मकानों की सूची बना रही है। डीजीपी के साथ हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया। इससे अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मचा है। 

क्यों की जा रही है कार्रवाई?

नेपाल और बंगाल की सीमा पर हाल के दिनों में एक खास समुदाय के लोगों ने आलीशान मकान, मदरसा और मस्जिद बनवाए हैं। कई बार देश विरोधी साजिश रचने के संदेश में बॉर्डर इलाके की जांच भी हो चुकी है। 

 

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कई बार इन्हीं इलाकों में आतंकियों को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं पूरा इलाका तस्करी के अड्डे में तब्दील हो गया है। इससे होने वाली अवैध कमाई के बल पर सीमावर्ती इलाके में आलीशान मकानों का निर्माण किया जा रहा है। अब सुरक्षा के लिहाज से इन लोगों की आय के सोर्स की जानकारी जुटाई जाएगी। बता दें कि बिहार के 11 जिलों की सीमा नेपाल से लगती है। 

क्या पूछे जाएंगे सवाल?

सीमा पर आलीशान भवन बनाने वालों से पहला सवाल यह पूछा जाएगा कि यहां आलीशान भवन बनाने का उद्देश्य क्या है? मकान की संरचना को लेकर भी सवाल पूछे जाएंगे। मकान के भीतर उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया जाएगा  दूसरा सवाल यह पूछा जाएगा कि इतने बड़े मकान बनवाने के लिए उनके पास धनराशि कहां से आई। अगर सही जवाब नहीं  मिला तो आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। 

 

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इन जिलों में होगी जांच

नेपाल के रास्ते देश में अवैध गतिविधियां बढ़ रही हैं। कई बार चीनी नागरिकों को भी पकड़ा गया है। यही कारण है कि बिहार के पूर्णिया, अररिया, सुपौल, किशनगंज, मधुबनी, सीतामढ़ी, बगहा, पूर्वी और पश्चिम चंपारण, शिवहर जिलों में आलीशान मकान मालिकों की जांच होगी। संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग भी लिया जाएगा। इसमें नेपाल पुलिस से भी मदद ली जाएगी। आलीशान भवनों का सर्वे हर साल केन्द्रीय एजेंसी करेगी।