नासा का आर्टेमिस-2 मिशन शानदार तरीके से सफल हो चुका है। 10 अप्रैल की रात आर्टेमिस-2 मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्री यात्रा कर लौट आए हैं। आर्टेमिस मिशन एक ऐतिहासिक मिशन है क्योंकि यह 50 सालों बाद चंद्रमा तक की पहली मानव उड़ान थी। आर्टेमिस-2 मिशन ने लगभग 7 लाख मील से ज्यादा दूरी तय की है। इस उड़ान की स्पीड 24,664 मील प्रति घंटा रही थी।

 

इस मिशन में चार लोगों ने चंद्रमा की यात्रा की है, जिसमें मिशन के कमांडर रीड वाइसमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन शामिल थे। इन लोगों ने चंद्रमा के बारे में बताया है कि उन्होंने चंद्रमा के उस हिस्से को भी देखा जिसे पहले किसी इंसान ने नहीं देखा था। इसके अलावा उन्होंने सूर्यग्रहण भी देखा। अब सवाल उठता है कि इस मिशन के सफल होने के बाद नासा का अगला प्लान क्या है।

 

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नासा का अगला मिशन

आर्टेमिस-2 मिशन के सफल होने के बाद नासा का एक खास प्लान है। नासा का अगला प्लान यह है कि अब चंद्रमा पर इंसानों को ले जाना और वहां धरती की तरह इंसानों की बस्ती बसाना है, जिसके लिए आर्टेमिस-3 मिशन लॉन्च किया जाएगा।

 

भविष्य में आर्टेमिस-2 के अनुभवों का इस्तेमाल कर और बेहतर रणनीति बनाई जाएगी ताकि चंद्रमा पर इंसानों की बस्ती बनाने का प्लान सफल हो सके। नासा में भारतीय नागरिक वरिष्ठ सलाहकार के रूप में काम करते हैं, जिन्होंने आर्टेमिस-2 को लेकर अहम बातें बताई हैं।

 

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आर्टेमिस-2 को लेकर अमित क्षत्रिय ने क्या कहा?

आर्टेमिस-2 की सफलता पर अमित क्षत्रिय ने कहा है, 'चंद्रमा तक जाने का रास्ता खुल गया है लेकिन आगे का काम पहले किए गए काम से कहीं ज्यादा बड़ा है।' अमित क्षत्रिय फिलहाल नासा के वरिष्ठ सलाहकार हैं, जिन्होंने आर्टेमिस-2 मिशन को सफल बनाने में अहम योगदान दिया है। इससे पहले वह चंद्रमा से मंगल कार्यक्रम में उप सहायक भी रह चुके हैं।