उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक बहुत ही हैरान करने वाली खबर आई है। यहां सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को मुफ्त में बांटने के लिए आई हजारों नई किताबों को रद्दी के भाव कबाड़ में बेच दिया गया। जिस समय यह किताबें बच्चों के बैग में होनी चाहिए थी, उस समय विभाग के ही कुछ लालची लोगों ने इन्हें कबाड़ी की दुकान पर पहुंचा दिया। पुलिस ने जब कबाड़ी के यहां छापा मारा, तो वहां से करीब 13 हजार नई किताबें बरामद हुई हैं।
इस पूरे मामले में सबसे शर्मनाक बात यह है कि इन कीमती किताबों को सिर्फ 4 रुपये किलो के हिसाब से कबाड़ी को बेच दिया था। इन किताबों को बहराइच से बाहर उत्तराखंड भेजने की पूरी तैयारी थी। किताबों से भरा एक पूरा ट्रक लखीमपुर खीरी तक पहुंच भी गया था लेकिन पुलिस को इसकी खबर लग गई। पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और उस ट्रक को रास्ते से ही पकड़ लिया।
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दफ्तर के चपरासी से लेकर अफसरों पर हुई बड़ी कार्रवाई
इस धांधली को पकड़ने के बाद प्रशासन ने बहुत सख्त कदम उठाए हैं। इस मामले में शिक्षा विभाग (BSA ऑफिस) के चपरासी आलोक मिश्रा के साथ-साथ कबाड़ी दिलशाद, शुभांकर और अर्जुन को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। विभाग ने इस धोखेबाजी को देखते हुए कर्मचारी आशुतोष सिंह, दीपक कुमार और अतुल सिंह को तुरंत नौकरी से निकाल दिया है।
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इसके अलावा, ब्लॉक ऑफिसर डॉली मिश्रा और अकाउंट ऑफिसर वीरेश वर्मा के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई करने के लिए सरकार को चिट्ठी लिखी गई है।
