उत्तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहे हैं। शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने इंग्लिश की दो राइम्स पर सवाल उठाया। उन्होंने भारत समाचार के एक इंटरव्यू में कहा था कि 'रेन, रेन गो अवे' हमारी संस्कृति के खिलाफ है। भारतीय संस्कृति में सबकी भलाई सोची जाती है, जबकि इस राइम का मतलब है बारिश चली जाए ताकि बच्चे खेल सकें। यानी बच्चों में बचपन से ही स्वार्थी सोच को बढ़ावा दिया जाता है। इसके अलावा योगेंद्र उपाध्याय का मानना है कि 'जॉनी-जॉनी' राइम बच्चों को झूठ बोलना सिखाती है। इन्हीं बयानों की वजह से सोशल मीडिया पर योगेंद्र उपाध्याय की ट्रोलिंग हो रही है।

 

योगेंद्र उपाध्याय बुधवार को कानपुर के एक कार्यक्रम में गए हुए थे, जहां उन्होंने भारतीय संस्कृति पर बात करते हुए इंग्लिश कविता 'जॉनी-जॉनी' के बारे में बात कही थी। इसके अलावा एक रिपोर्टर के सवाल का जवाब देते हुए 'रेन, रेन गो अवे' को लेकर अपने विचार शेयर किए थे।

 

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रेन, रेन गो अवे को लेकर क्या कहा?

 

योगेंद्र उपाध्याय ने भारत समाचार को दिए इंटरव्यू में कहा, 'रेन, रेन गो अवे, कम अगेन अनदर डे, लिटिल जॉनी वॉन्ट्स टू प्ले' यह हमारी संस्कृति की कविता नहीं है। भले ही यह अंग्रेजी में हो, हमारी संस्कृति सबके सुख के बारे में सोचती है, जबकि यह कविता खुद के सुख को बढ़ावा दे रही है।' इसके बाद योगेंद्र ने कविता का अर्थ बताते हुए कहा, 'मेरा जॉनी खेलना चाहता है, इसलिए बारिश रुक जाए।'

जॉनी, जॉनी राइम को लेकर क्या बोले?

 

बुधवार के कार्यक्रम में योगेंद्र उपाध्याय ने कहा, 'जॉनी-जॉनी यस पापा, ईटिंग शुगर? नो पापा' यह कविता हमारे बच्चों को झूठ बोलना सिखा रही है।' इन बयानों को लेकर लोगों ने अपनी-अपनी राय दी है।

 

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क्या है लोगों की राय?

इस बयान को सुनकर एक्स पर अमित नाम के एक यूजर ने कहा, 'काम हो या ना हो लेकिन मनोरंजन में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। हमें ऐसे ही नेता चाहिए, हम वोट धर्म और जाति देखकर ही तो करते हैं।' इसके अलावा कई लोगों ने योगेंद्र उपाध्याय के विचारों का विरोध किया है।