राजस्थान के अजमेर में एक मार्बल डंपिंग यार्ड है, जहां की वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। यह मार्बल डंपिंग यार्ड बिल्कुल स्विट्जरलैंड जैसा दिख रहा है, जहां चारों तरफ बर्फ जैसा सफेद पाउडर बिखरा हुआ है। यह सफेद पाउडर मार्बल कटिंग की स्लरी है, जो कई वर्षों से यहां जमा हो रही है। इस वजह से यहां बर्फ जैसे पहाड़ बन गए हैं। इसी कारण यह इलाका सफेद मैदान जैसा दिखाई देता है।

 

इस वक्त अजमेर का यह मार्बल डंपिंग यार्ड चर्चा का केंद्र बन गया है, जहां कई लोग दूसरे राज्यों से घूमने आ रहे हैं। यहां पर कई लोग रील्स बना रहे हैं और फोटो खींच रहे हैं लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जो इस मैदान में जाने से परहेज कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि इस मैदान में जाने से हेल्थ को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा मार्बल स्लरी के बड़े पहाड़ दूषित पर्यावरण की समस्या की ओर ध्यान खींचते हैं।

 

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क्या हेल्थ को होगा नुकसान?

मार्बल स्लरी का डंपिंग यार्ड भले ही देखने में आकर्षक लगता है, लेकिन यहां जाने से हमारे स्वास्थ्य पर गलत असर पड़ सकता है। इसलिए यहां जाने वाले लोगों को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। अब सवाल उठता है कि इस डंपिंग यार्ड में जाकर स्वास्थ्य को क्या खतरा हो सकता है। 

 

सांस लेने में दिक्कत - इस मार्बल डंपिंग यार्ड में धूल के छोटे-छोटे कण हवा में बहते रहते हैं, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति यहां गया है तो उसे वायु प्रदूषण से बचने के लिए मास्क पहनना चाहिए। अगर सांस लेने में ज्यादा परेशानी हो रही हो, तो जल्द से जल्द इस यार्ड से बाहर आ जाना चाहिए।

 

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दूषित पानी- मार्बल डंपिंग मैदान में पानी भी होता है, जिसे छूने से लोगों को बचना चाहिए। यह पानी जहरीले केमिकल के वजह से दूषित होता है। इसे छूने से व्यक्ति को त्वचा की बीमारी हो सकती है। यह जगह वीडियो और तस्वीरों में भले ही सुंदर और आकर्षक लगती हो लेकिन यह जगह पर्यावरण से जुड़ी चिंताएं पैदा करती है।

पर्यावरण के लिए खतरा?

इस मार्बल डंपिंग यार्ड के पास कोई पेड़-पौधे नहीं उगते हैं, क्योंकि यहां की जमीन और हवा पूरी तरह दूषित हो चुकी है। राजस्थान के केंद्रीय विश्वविद्यालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस जगह के 6 किलोमीटर के दायरे तक पानी का टीडीएस सामान्य से 10 गुना ज्यादा है। पानी का सामान्य टीडीएस (500 mg/L) होता है, जबकि यहां के पानी का टीडीएस 15,000-20,000 (mg/L) से ऊपर है, जो समुद्र के पानी जितना खारा या उससे भी अधिक हो सकता है।

 

ये आंकड़े चिंताजनक हैं, जो हमें सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या इस जगह घूमने जाना सही है। हालांकि कई लोग ऐसे हैं जो यहां घूमने जा रहे हैं और सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं।