किसी जमाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धुर आलोचकों में से एक, गुल पनाग ने उनके लिए ध्रुव राठी से बहस की है। उन्होंने ध्रुव राठी पर भारत के प्रधानमंत्री के पद को कमजोर करने का आरोप लगाया है। ध्रुव राठी ने कहा था कि नरेंद्र मोदी जहां भी जाएं, उन्हें अपमानित किया जाना चाहिए।
ध्रुव राठी ने नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग को टैग किया गया था। उन्होंने ओस्लो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछा था। यह सवाल संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पूछा गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके सवाल का जवाब नहीं दिया था। हंगामा बढ़ा तो विदेश मंत्रालय ने कहा कि हेले लेंग को सवाल मंत्रालय के अधिकारियों से पूछना चाहिए।
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की। उन्होंने अपने 2.5 करोड़ प्रशंसकों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां भी जाएं, वहां लोग उनसे भारत के बारे में सवाल पूछें। वह अपमान योग्य हैं, उन्हें अपमानित किया जाना चाहिए।
यह भी पढ़ें: पूरव झा ने बनाया 'ऑल इज हेल' गाना, ध्रुव राठी जैसा क्यों बताने लगे लोग?
ध्रुव राठी ने क्या कहा था?
ध्रुव राठी ने कहा, 'मोदी को हर जगह अपमानित होना चाहिए। वह 12 साल से प्रधानमंत्री हैं लेकिन एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। वह नेता होने की बुनियादी जवाबदेही और पारदर्शिता पूरी नहीं करते।'
ध्रुव राठी, यूट्यूबर:-
मैं यूरोपीय देशों के विदेशी पत्रकारों से अपील करता हूं कि जहां भी मोदी को देखें, उनसे सवाल पूछें। हेले लेंग की तरह उन्हें इतना शर्मिंदा करें कि उन्हें लोगों के सामने जवाबदेही दिखानी पड़े। इससे भारत की प्रगति की दिशा में बड़ी सेवा होगी।
कहां रहते हैं ध्रुव राठी?
ध्रुव राठी की जड़ें, हरियाणा से जुड़ी हैं, वह जर्मनी में रहते हैं। वहीं से ध्रुव राठी, केंद्र सरकार की आलोचना करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे मुखर आलोचकों में से एक हैं। उन पर बीजेपी के खिलाफ एजेंडा चलाने के आरोप लगते रहे हैं। वह हर मौके पर केंद्र की आलोचना करते रहे हैं।
यह भी पढ़ें: ध्रुव राठी ने कहा था- 'धुरंधर' को 'बर्बाद' कर दूंगा; वीडियो पर कैसा रहा रिएक्शन?
गुल पनाग ने ध्रुव राठी को जमकर सुनाया
गुल पानाग ने ध्रुव राठी को इस मुद्दे पर जमकर घेरा। उन्होंने असहमति और प्रधानमंत्री पद को कमजोर करने के बीच साफ अंतर बताया। गुल पानाग ने ध्रुव राठी से कहा है कि वह विदेश में देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, उनसे बदसलूकी की सार्वजनिक अपील, देश का अपमान है.
गुल पनाग, अभिनेत्री:-
यह ठीक नहीं है। आप प्रधानमंत्री को नापसंद कर सकते हैं, सरकार से असहमत हो सकते हैं, विरोध कर सकते हैं, बहस कर सकते हैं और अलग वोट दे सकते हैं। यह लोकतंत्र है लेकिन विदेशी धरती पर भारत के प्रधानमंत्री के पद, व्यक्ति और जो वह विदेश में प्रतिनिधित्व करते हैं, उसका मजाक बनाना, यह मुझे न तो सही लगता है और न ही यह असहमति है। इससे प्रधानमंत्री, संस्था और अंत में हम सबका अपमान होता है।
पीएम मोदी की आलोचक हैं गुल पनाग
गुल पनाग, पीएम मोदी की समर्थक नहीं हैं। वह खुलकर केंद्र सरकार के खिलाफ बोलती रही हैं। उन्होंने किसान आंदोलन, राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर सरकार की आलोचना की है। 2014 में उन्होंने अपने पिता, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एचएस पानाग के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) का हाथ थामा था।
गुल पनाग, साल 2014 में चंडीगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं, बीजेपी उम्मीदवार किरण खेर ने उन्हें तब हरा दिया था। 2020-2021 के किसान आंदोलन के दौरान गुल पानाग आंदोलन का खुलकर समर्थन करती रहीं। उन्होंने सरकार के रवैये को लेकर सवाल उठाए थे, प्रदर्शनकारियों की मौत पर सरकार से सवाल पूछा था और देश विरोधी कहने के एजेंडे को गलत बताया था।
यह भी पढ़ें: AAP पर बनी डॉक्युमेंट्री पर हुआ था विवाद, ध्रुव राठी ने कर दी रिलीज
अब कैसी है गुल पनाग की सियासत?
गुल पनाग, अब आम आदमी पार्टी से नहीं जुड़ी हैं। जून 2021 में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। गुल पनाग ने दावा किया था कि आम आदमी पार्टी, खालिस्तानियों के साथ जुड़ी है, उन्होंने अपने शीर्ष नेतृत्व को बताया था, पार्टी ने ध्यान नहीं दिया था।
