जन सुराज पार्टी के नेता और यूट्यूबर मनीष कश्यप ने दावा किया है कि उनकी 40 लाख की टोयोटा इनोवा हाई क्रॉस कार, एथेनॉल की वजह से खराब हो गई है। उन्होंने नितिन गडकरी पर खुद को बर्बाद करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सिर्फ 12000 किलोमीटर उनकी कार चली है लेकिन अब खराब हो गई है। टोयोटा ने वारंटी देने से भी इनकार कर दिया है। उनकी कार 10 हजार सर्विस होने के बाद दूसरी बार भी सर्विस होने के लिए आ गई।
मनीष कश्यप का कहना है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद कार की माइलेज बुरी तरह गिर गई है। पहले जहां उनकी गाड़ी 17-20 किलोमीटर प्रति लीटर देती थी, वहीं अब सिर्फ 10-11 किलोमीटर प्रति लीटर माइलेज दे रही है। उन्होंने दावा किया है कि यह समस्या सिर्फ उनकी गाड़ी तक सीमित नहीं है। करीब 90 फीसदी ग्राहक माइलेज की शिकायत कर रहे हैं। मोटरसाइकिलों में भी यही समस्या देखी जा रही है।
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क्या दिक्कत हो रही है?
मनीष कश्यप ने दावा किया है कि कई बाइक ऐसी हैं, जिन पर 20 प्रतिशत से ज्यादा एथेनॉल की क्षमता होने की बात लिखी गई है लेकिन वहां भी एथेनॉल डालने पर दिक्कत आ रही है। सर्विस सेंटर पर मनीष कश्यप ने एक मैकेनिक से बात भी की। मैकेनिक ने दावा किया कि एथेनॉल की वजह से फ्यूल टैंक, फ्यूल लाइन, फ्यूल पंप और इंजेक्टर को नियमित रूप से साफ कराना पड़ रहा है।
मनीष कश्यप, यूट्युबर:-
पूरे देश की गाड़ी को नितिन गडकरी ने खत्म कर दिया है। 40 लाख रुपये में मैंने नई गाड़ी खराब, अपने बेटे को प्रॉफिट पहुंचाने के लिए देश को बर्बाद कर दिया। हाइड्रोजन फ्यूल पर आप चल सकते हैं। कहां से भरवाएंगे, नई गाड़ी की इतनी भरोसेमंद गाड़ी खराब हो गई।
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किस बार पर भड़के हैं मनीष कश्यप?
मनीष कश्यप ने सवाल किया कि ग्राहक ने पूछा कि हर 5,000-10,000 किलोमीटर पर टैंक क्लीनिंग कराने का खर्च कौन उठाएगा? उन्होंने कहा कि एक्सटेंडेड वारंटी लेने के बावजूद सेवा केंद्र वारंटी क्लेम करने से मना कर रहा है।
मनीष कश्यप:-
हमने इको-फ्रेंडली हाइब्रिड गाड़ी खरीदी। सामान्य पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ी से 5 लाख रुपये ज्यादा दिए। 18 लाख रुपये टैक्स सरकार को दिया, फिर भी माइलेज आधी हो गई है। सिर्फ 1,248 किलोमीटर चलने के बाद ही गाड़ी में ये समस्याएं शुरू हो गईं।
क्या चाहते हैं मनीष कश्यप?
मनीष कश्यप ने कहा, 'ई20 पेट्रोल की पूरी जांच हो। एथेनॉल कहां से आ रहा है, किसने बनाया और किसने पेट्रोल में मिलाया, यह सब खुलासा होना चाहिए। एक सुझाव भी दिया कि नॉर्मल पेट्रोल 20 रुपया महंगा रखकर और E20 को 20 रुपया सस्ता रखकर लोगों को विकल्प दिया जाए।
मनीष कश्यप ने दावा किया है कि 2 महीने में उन्होंने तीन टोयोटा हाइब्रिड गाड़ियां खरीदीं। डीजल गाड़ियां बेचकर पर्यावरण बचाने के लिए हाइब्रिड लिया, लेकिन अब इंजन नॉकिंग, कम माइलेज और बार-बार सफाई की समस्या से परेशान हैं। मनीष कश्यप के अलावा भी लोगों ने एथेनॉल मिक्सिंग पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि उनकी गाड़ी खराब हो रही है।
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क्या गाड़ी के लिए नुकसान देह है E20?
इंजीनियर अभिषेक राय से जब यह सवाल खबरगांव ने किया तो उन्होंने कहा, 'जो गाड़ियां, एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिए नहीं बनी हैं, उन गाड़ियों के लिए एथेनॉल नुकसानदायक हो सकता है। पुरानी गाड़ियों के इंजन, फ्यूल पंप, और पाइपलाइनों में इस्तेमाल होने वाले रबर, प्लास्टिक और एल्युमिनियम के पार्ट्स एथेनॉल के संपर्क में आने पर जल्दी खराब हो सकते हैं या गल सकते हैं।
अभिषेक राय ने कहा, 'अगर आपकी गाड़ी अप्रैल 2023 के बाद की बनी है और आधिकारिक तौर पर E20 के इस्तेमाल लायक है तो तो उसे इससे कोई नुकसान नहीं होगा। नई कारें अब इंजन और फ्यूल सिस्टम को इसी ईंधन के हिसाब से चलने के लिए डिजाइन की गईं हैं।'
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एथेनॉल की कानूनी स्थिति क्या है?
सुप्रीम कोर्ट ने 2025-26 के लिए एथेनॉल सप्लाई आवंटन पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की अपील पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने बताया कि एथनॉल सप्लाई के कॉन्ट्रैक्ट अक्टूबर 2025 में ही फाइनल हो चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और 23 डिस्टलरीज को नोटिस जारी किया है। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश देशव्यापी एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को बिगाड़ सकता है। इसलिए केंद्र जल्द ही सभी केस एक जगह ट्रांसफर करने के लिए याचिका दायर करेगा। सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच ने अगली सुनवाई कोर्ट खुलने के बाद तय की है और तब तक किसी भी बदलाव पर रोक लगा दी है।


