ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा है कि जो वाशिंगटन कल तक भारत को रूसी तेल न खरीदने के लिए धमका रहा था, वह ईरान के साथ जंग छिड़ने के बाद अब भारत और दुनिया के अन्य देशों से रूसी तेल खरीदने के लिए गिड़गिड़ा रहा है।
अब्बास अराघची ने यूरोपीय देशों की भी आलोचना की है और आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि रूस के खिलाफ अमेरिकी समर्थन पाने के लालच में यूरोपीय देश, ईरान का साथ दे रहे हैं। यह जंग अवैध है और यूरोप का रुख गलत है।
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अमेरिका ने रूस पर अचानक बदला ट्रेड
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में एलान किया था कि भारत को 30 दिनों के लिए रूस से तेल खरीदने की छूट दी जा रही है। यह छूट अस्थाई है। स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधा को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था।
रूसी तेल टैंकर पहले से ही समुद्र में हैं। मेरिका का कहना है कि अगर भारत भारत इन बैरलों को नहीं खरीदता है तो वे चीन के पास चले जाएंगे। अब भारतीय रिफाइनरियों तक सप्लाई पहुंचाना, अमेरिका की प्राथमिकता है।
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ईरान ने अमेरिका पर कसा तंज
ईरान ने अमेरिका पर तंज कसा है कि अमेरिका अब रूसी तेल खरीदने के लिए दुनिया और भारत के सामने गिड़गिड़ा रहा है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने X पर लिखा, 'अमेरिका ने कई महीनों तक भारत को रूस से तेल खरीदने से रोकने के लिए धमकाया था। ईरान के साथ दो हफ्ते की जंग के बाद अब व्हाइट हाउस दुनिया और भारत से रूसी क्रूड ऑयल खरीदने के लिए गिड़गिड़ा रहा है।'
सैयद अब्बास अराघची ने कहा, 'यूरोप ने ईरान के खिलाफ गैरकानूनी जंग का समर्थन किया। उन्होंने यह सोचा कि अमेरिका बदले में रूस के खिलाफ जंग में उनकी मदद करेगा। अब स्थिति उलट गई है।'
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ईरान का इशारा किस ओर है?
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी गई है। इसका कारण वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष से ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट है। उन्होंने बताया कि रूसी तेल पहले से जहाजों पर लदा हुआ है, इसलिए इसे भारत की रिफाइनरियों तक उन्हें पहुंचाया जा सकता है। स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अगर भारत न खरीदे तो ये बैरल चीन को चले जाते।
ईरान क्या कर रहा है?
ईरान एक तरफ जंग में उलझा है, दूसरी तरफ 2 LPG जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी है। सऊदी से खरीदे गए तेल से भरा एक टैंकर भी भारत पहुंचने वाला है। अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हमला बोल रहे हैं। दुनियाभर में तेल की कीमतें बढ़ गईं हैं।
