एचडीएफसी बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने गुरुवार को अचानक से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मूल्यों और नैतिकता पर बैंक से मतभेदों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया। अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद एचडीएफसी बैंक के अपने ही अधिकारी केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है। इस घटनाक्रम के बाद से बैंक के आम ग्राहकों और निवेशकों के बीच खलबली मची हुई है, मगर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने सामने आकर ग्राहकों को संबल प्रदान किया है।

 

आरबीआई ने गुरुवार को एचडीएफसी बैंक में गवर्नेंस से जुड़े मामलों को लेकर लग रही अटकलों को शांत करने की कोशिश की। इस्‍तीफे के बाद मचे घमासान पर आरबीआई ने स्‍पष्‍टीकरण देते हुए आरबीआई ने देश की शेयर मार्केट को भरोसा दिलाया कि बैंक के आचरण या गवर्नेंस को लेकर फिलहाल कोई बड़ी चिंता नहीं है।

आरबीआई ने क्या कहा?

आरबीआई ने अपने बयान में कहा, 'बैंक का बोर्ड पेशेवर है और प्रबंधन टीम पूरी तरह सक्षम है। हमारे नियमित निरीक्षण और आकलन के आधार पर बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत है, पूंजी पर्याप्त है और लिक्विडिटी की कोई कमी नहीं है।' आरबीआई ने यह भी कहा कि वह भविष्य की दिशा तय करने के लिए बैंक के बोर्ड और प्रबंधन के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखेगा।

 

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शेयर मार्केट में हाहाकार

अतनु चक्रवर्ती के इस्ताफे के बाद भारतीय शेयर मार्केट में हाहाकार मच गया। गुरुवार को सेंसेक्स 2,497 अंक गिरकर 74,207 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 776 अंक गिरकर 23,000 के स्तर के करीब 23,002 पर आ गया। हालांकि, आरबीआई और बैंक के द्वारा ग्राहकों को भरोसा दिलाए जाने के बाद शुक्रवार को सेंसक्स शुरुआती कारोबार में 976.77 अंक चढ़कर 75,184.01 अंक पर जबकि एनएसई निफ्टी 301.7 अंक की बढ़त के साथ 23,303.85 अंक पर पहुंच गया।

केकी मिस्त्री का निवेशकों-ग्राहकों को भरोसा

दरअसल, पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे से बैंक के अंदरूनी कामकाज को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। इसी बीच एचडीएफसी बैंक के बनाए गए नए अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री ने निवेशकों और अपने ग्राहकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की है। मिस्त्री ने कहा कि बैंक में कोई बड़ी दिक्कत नहीं है। उन्होंने चक्रवर्ती के इस्तीफे को लेकर कहा कि यह डेवलपमेंट से बैंक के किसी भी ऑपरेशनल या गवर्नेंस से जुड़ी चिंता से जुड़ा नहीं है।

 

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उनका बयान ऐसे समय में आया है जब ग्राहकों के बीच अफरातफरी मची हुई है। मगर, आपबीआई और केकी मिस्त्री के बयानों के बाद साफ है कि एचडीएफसी बैंक की नीव मजबूत है, जिसकी वजह से निवेशकों और इसके ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है। 

'बैंक में कोई बड़ी चिंता नहीं'

केकी मिस्त्री ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि बैंक के अंदर कोई बड़ी समस्या नहीं है। इस्तीफे से बैंक पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक मजबूत अंदरुनी प्रक्रिया और हाई गवर्नेंस मानकों के साथ काम कर रहा है और बोर्ड लेवल पर किसी भी बड़े मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई।