जोमैटो की पैरेंट कंपनी Eternal Ltd. के ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह जानकारी कंपनी ने बुधवार को रेगुलेटरी फाइलिंग में दी। अब ब्लिंकिट के CEO अलबिंदर ढींढ़सा (अल्बी) तुरंत प्रभाव से Eternal के नए ग्रुप CEO बन जाएंगे।

 

दीपिंदर गोयल ने शेयरधारकों को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने इस फैसले की वजह बताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्हें कुछ नए आईडियाज़ की तरफ खिंचाव महसूस हो रहा है। ये आईडियाज़ काफी ज्यादा रिस्क वाले हैं और इनमें बहुत प्रयोग करने की जरूरत है। ऐसी चीजें Eternal जैसी पब्लिक कंपनी में करना मुश्किल होता है। अगर ये आईडियाज़ कंपनी के मौजूदा बिजनेस से जुड़ी होतीं, तो वह इन्हें Eternal के अंदर ही आगे बढ़ाते। हालांकि, ऐसा नहीं हो सकता। इसलिए कंपनी को फोकस्ड और डिसिप्लिंड रहने देना बेहतर है।

 

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दीपिंदर ने लिखा कि वो Eternal में अपना काम जारी रख सकते थे और साथ ही बाहर नई चीजें ट्राई कर सकते थे, लेकिन भारत में पब्लिक कंपनी के CEO पर कानूनी और दूसरे नियमों के कारण पूरा फोकस सिर्फ कंपनी पर होना चाहिए। 

दिए जिंदगी के 18 साल

दीपिंदर ने कहा कि उन्होंने 18 साल (अपनी जिंदगी का आधा समय) में इस कंपनी को बनाया है और वह इसे बनाते रहेंगे। वह, अल्बी और अक्षांत साथ मिलकर काम करते रहेंगे। उनकी पार्टनरशिप, ट्रस्ट और समझ बिल्कुल वैसी ही रहेगी। कंपनी के सभी बिजनेस CEO को पहले जैसी आजादी मिलती रहेगी। दीपिंदर लंबी अवधि की स्ट्रैटेजी, कंपनी की कल्चर, लीडरशिप और गवर्नेंस में शामिल रहेंगे।

अलबिंदर के पास होंगी जिम्मेदारियां

अब रोज़मर्रा के फैसले, ऑपरेशन और बिजनेस की जिम्मेदारियां अलबिंदर के पास होंगी। दीपिंदर ने अपने पत्र में लिखा, ‘अलबिंदर ने ही ब्लिंकिट को खरीदने के बाद ब्रेकईवन तक पहुंचाया। उन्होंने टीम, कल्चर, सप्लाई चेन सब बनाया। वह एक सच्चे फाउंडर की तरह लड़ाकू हैं और एक्जीक्यूशन में बहुत मजबूत हैं। ब्लिंकिट कंपनी का सबसे बड़ा ग्रोथ का मौका है और अलबिंदर का मुख्य फोकस यही रहेगा। कंपनी की डिसेंट्रलाइज्ड स्ट्रक्चर (हर बिजनेस का अपना CEO) वैसी ही रहेगी।’

 

दीपिंदर ने कहा कि 18 साल पहले मेन्यू स्कैन करने वाली कंपनी के अरबों डॉलर की होने, लाखों लोगों को रोजगार देने और करोड़ों परिवारों की सेवा करने का आईडिया पागलपन लगता था। लेकिन उन्होंने इसे साबित कर दिया।