देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे बैंक से चल रहे नैतिक चिंताओं का हवाला दिया। यह पहली बार है जब एचडीएफसी बैंक के किसी पार्ट टाइम चेयरमैन ने कार्यकाल के बीच में ही पद छोड़ दिया है।

 

अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद एचडीएफसी बैंक के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उनका कार्यकाल चार मई 2027 को खत्म हो रहा था। अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे का असर साफ तौर पर भारतीय शेयर मार्केट में भी देखने को मिला। गुरुवार को शेयर मार्केट खुलते ही 2,200 प्वाइंट नीचे गिर गया, जिससे निवेशकों को लाखों कड़ोर रुपये का नुकसान हुआ।  

 

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अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे में क्या है?

उन्होंने 17 मार्च को भेजे अपने इस्तीफे में कहा, 'पिछले दो सालों में बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाओं और प्रथाओं को मैंने देखा है जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों एवं नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। यही मेरे इस निर्णय का आधार है।' अपने इस्तीफे के पत्र में अतुन चक्रवर्ती ने कहा, 'उपरोक्त के अलावा मेरे इस्तीफे का कोई अन्य महत्वपूर्ण कारण नहीं है।'

 

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बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना

एचडीएफसी बैंक ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि अतुन चक्रवर्ती ने 18 मार्च 2026 को तत्काल प्रभाव से पार्ट टाइम चेयरमैन एवं स्वतंत्र निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है। बैंक ने कहा, 'हालांकि चक्रवर्ती के इस्तीफा पर तारीख 17 मार्च 2026 है लेकिन यह बैंक को 18 मार्च 2026 को तीन बजकर 17 मिनट (आईएसटी) मिला।' 

 

एचडीएफसी बैंक की सूचना के अनुसार, बैंक के आवेदन पर भारतीय रिजर्व बैंक ने 18 मार्च 2026 को केकी मिस्त्री को 19 मार्च 2026 से तीन महीने की अवधि के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है।