आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर पूरी दुनिया में काफी ज्यादा चर्चा है। AI के कारण काम पहले की तुलना में काफी ज्यादा आसान हो गया है। इस बीच दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में बड़ा दांव खेलने जा रही है। स्पेसएक्स AI कोडिंग स्टार्टअप कर्सर का 60 बिलियन डॉलर यानी करीब 5 लाख करोड़ रुपये में अधिग्रहण करने की तैयारी कर रहा है। खास बात यह है कि इस स्टार्टअप के को-फाउंडर्स में से एक भारतीय मूल का युवा भी शामिल है। इनका नाम अमन सारंग है। यह डील अगर पूरी हो गई तो AI सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी डील्स में से एक होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्पेसएक्स ने कर्सर को खरीदने का विकल्प सुरक्षित कर लिया है, जबकि वैकल्पिक रूप से दोनों कंपनियां 10 बिलियन डॉलर की बड़ी पार्टनर्शिप भी कर सकती हैं। अभी इस डील को भले ही अंतिम रूप दिया जाना है लेकिन इस डील से अमन सांगर काफी चर्चा में हैं। लोग उनके बारे में जानना चाहते हैं। भारतीय मूल के अमन ने बहुत कम उम्र में इतना बड़ा मुकाम हासिल किया है।
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कौन हैं अमन सांगर ?
अमन सांगर कर्सर के चार को-फाउंडर में से एक हैं। अमन के साथ-साथ माइकल ट्रुएल, सुआलेह आसिफ और आर्विड लुन्नेमार्क भी इस स्टार्टअप के को-फाउंडर हैं। इन्हीं चार लोगों ने कर्सर को बनाया है जिसके लिए आज स्पेसएक्स जैसी कंपनी 5 हजार करोड़ रुपये देने के लिए भी तैयार है। ये चारों दुनिया के सबसे प्रमुख इंजीनियरिंग कॉलेज मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी(एमआईटी) के छात्र थे। एमआईटी में पढ़ाई के दौरान इन्होंने AI कोडिंग का तरीका बदलने का आइडिया तैयार किया। चारों ने मिलकर कोडिंग को आसान करने के उद्देश्य से यह स्टार्टअप चलाया था।
भारत से क्या कनेक्शन है?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अमन सांगर अमेरिका में एक भारतीय मूल के परिवार में पले-बढ़े हैं। उनके पिता अरविंद सांगर ने आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई की है और हेज फंड में काम करते हैं। अमन सांगर की मां शिल्पा सांगर ऑर्थोडॉन्टिस्ट और बिजनेसमैन हैं। अमन ने कम उम्र से ही कोडिंग शुरू कर दी थी और बाद में एमआईटी से कंप्यूटर साइंस पढ़ाई पूरी की। 2022 में इन्होंने Anysphere कंपनी की शुरुआत की थी और बाद में इसी कंपनी के तहत कर्सर प्लेटफॉर्म लाया गया। अमन ने इस स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
क्या है कर्सर स्टार्टअप?
कर्सर एक एडवांस्ड AI-पावर्ड कोडिंग टूल है। यह नॉर्मल कोडिंग से काफी अलग और एडवांस टूल है। डेवलपर्स को पूरा कोडबेस समझकर जटिल कोड लिखने, एडिट करने और उस कोड में सुधार करने का पूरा एक्सेस देता है। यह टूल डेवलपमेंट समय को काफी कम कर देता है और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में काम आता है। यही वजह है कि यह तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और कई बड़ी कंपनियां इसे इस्तेमाल कर रही हैं।
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स्पेसएक्स को आया पसंद
स्पेसएक्स रॉकेट, सैटेलाइट और स्पेस टेक्नोलॉजी पर काम करती है। इसमें बहुत बड़े स्तर पर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम होता है। कर्सर जैसे AI टूल से उनका कोडिंग काम कई गुना तेज और बेहतर हो सकता है। एलन मस्क की AI में बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए यह डील उनके बड़े विजन का हिस्सा मानी जा रही है। अगर डील पूरी हुई तो कर्सर स्पेसएक्स के अंदर आकर मस्क के अन्य प्रोजेक्ट्स जैसे xAI, टेस्ला के साथ भी जुड़ सकता है।
