भारत में शिक्षक बनने की पढ़ाई को आसान और बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 4 साल का इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम ITEP शुरू किया है। इस कोर्स के तहत छात्र 12वीं के बाद सीधे 4 साल में BA BEd , BSc BEd या BCom BEd जैसी डिग्री पूरी कर सकते हैं। पहले जहां शिक्षक बनने के लिए अलग अलग डिग्री करनी पड़ती थी, वहीं अब एक ही कोर्स में ग्रेजुएशन और टीचर ट्रेनिंग दोनों की पढ़ाई होती है। यह कोर्स राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू किया गया है। इस कोर्स को करने से अब आपका एक कीमती साल भी बचता है।
अगर आप 12वीं के बाद अब इस कोर्स को करना चाहते हैं तो आपके मन में सवाल होगा कि इस कोर्स में एडमिशन कैसे मिलेगा। ITEP कोर्स में एडमिशन के लिए 'नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट' यानी NCET देना जरूरी है। यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA हर साल आयोजित करवाती है। NCET के जरिए देश भर के सरकारी कॉलेजों, यूटिवर्सिटी, IIT और अन्य संस्थानों में 4 साल के टीचर एजुकेशन कोर्स में एडमिशन दिया जाता है। इस परीक्षा में छात्रों की भाषा की समझ, सामान्य जानकारी, पढ़ाने की योग्यता और चुने हुए विषयों की जानकारी से जुड़े सवाल किए जाते हैं। NCET पास करने के बाद छात्र अलग अलग कॉलेजों में ITEP कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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NCET 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन
NCET 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। CUET की तरह इस एंट्रेस के लिए भी छात्रों को NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर फॉर्म भरना होगा। इस एंट्रेस के लिए आप exams.nta.ac.in/NCET पर जाकर फॉर्म भरना होगा। आवेदन के दौरान नाम, जन्म तिथि, 12वीं की जानकारी और विषय का चयन करना होगा। इसके साथ फोटो और सिग्नेचर अपलोड करना होगा और निर्धारित फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी। फॉर्म भरने के बाद उसका प्रिंट निकालकर अपने पास सुरक्षित रखना जरूरी होता है। NCET 2026 की सही तारीख और नोटिफिकेशन NTA की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। बीते साल 2025 में फरवरी के महीने में रजिस्ट्रेशन शुरू हुए थे और 29 अप्रैल को एंट्रेस एग्जाम हुआ था।

NCET पैटर्न क्या है?
NCET परीक्षा कंप्यूटर पर ऑनलाइन मोड में होती है। इसमें सभी सवाल ऑब्जेक्टिव टाइप होते हैं यानी हर सवाल के चार ऑप्शन दिए जाते हैं। परीक्षा में लैंग्वेज से जुड़े सवाल,जनरल नॉलेज, मैथ और रीजनिंग के सवाल पूछे जाते हैं। इसके अलावा टीचिंग एप्टीट्यूड से जुड़े सवाल भी होते हैं।

छात्रों को दो भाषा चुननी होती हैं और तीन सब्जेक्ट अपनी स्ट्रीम के अनुसार चुनने होते हैं। परीक्षा का मकसद यह देखना होता है कि छात्र टीचर बनने के लिए कितने तैयार हैं और क्या उनका एप्टीट्यूड टीचर बनने वाला है या नहीं।
क्या पढ़ना होगा?
NCET के सिलेबस में आसान सब्जेक्ट शामिल होते हैं। भाषा वाले हिस्से में समझने की क्षमता, शब्दों की जानकारी और व्याकरण से जुड़े सवाल होते हैं। जनरल नॉलेज में देश दुनिया की खबरें, करंट अफेयर्स और सामान्य जानकारी पूछी जाती है। मैथ और रीजनिंग में साधारण गणना, सोचने समझने वाले सवाल आते हैं। टीचिंग एप्टीट्यूड जुड़े पार्ट में बच्चों को पढ़ाने की समझ, क्लास मैनेजमेंट और टीचिंग से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। चुने गए विषयों में 12वीं तक का बेसिक सिलेबस पूछा जाता है। इस परीक्षा के लिए डिटेल्ड सिलेब्स आप NTA की वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।

कैसे करें तैयारी?
NCET की तैयारी के लिए सबसे पहले पूरे सिलेबस को ध्यान से समझना जरूरी है। लैंग्वेज पार्ट के लिए रोज अखबार पढ़ना और लिखने की प्रैक्टिस करना फायदेमंद होता है। जनरल नॉलेज के लिए रोज की खबरों पर नजर रखें। मैथ्स और रीजनिंग के लिए रोज प्रैक्टिस करें। पटीचिंग एप्टीट्यूड से जुड़े सवालों के लिए टीचिंग से जुड़े बेसिक टॉपिक पढ़ें। इसके लिए आप किसी यूट्यूब चैनल का सहारा ले सकते हैं। पिछले सालों के पेपर और मॉक टेस्ट हल करने से परीक्षा का पैटर्न समझने में मदद मिलती है। सही टाइम मैनेजमेंट और नियमित पढ़ाई से NCET में अच्छा स्कोर किया जा सकता है।
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NCET के बाद कैसे मिलेगी एडमिशन?
NCET एक एंट्रेस टेस्ट है यानी इस टेस्ट में अच्छा स्कोर करने का मतलब यह नहीं है कि आपको एजमिशन मिल ही गया। इस परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद अलग-अलग यूनिवर्सिटी अपने यहां एडमिशन प्रक्रिया शुरू करते हैं। छात्रों को अपने स्कोर के आधार पर कॉलेजों में अप्लाई करना होता है। इसके बाद काउंसलिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया होती है। सीट मिलने के बाद छात्र 4 साल के इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम में दाखिला ले सकते हैं। 4 साल का ITEP कोर्स उन छात्रों के लिए अच्छा मौका है जो शुरू से ही शिक्षक बनना चाहते हैं। NCET के जरिए अब पूरे देश में एक ही परीक्षा से टीचर ट्रेनिंग कोर्स में एडमिशन मिल रहा है, जिससे प्रक्रिया आसान हो गई है।
