भारत में इंजीनियरिंग एडमिशन के लिए सबसे मशहूर एंट्रेंस एग्जाम JEE मेन ही है। इसी एग्जाम के जरिए देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन मिलता है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने  जेईई मेन 2026 सेशन 1 के रिजल्ट सोमवार 16 फरवरी को घोषित कर दिए। इस परीक्षा में बैठे दो भाइयों के नंबर बराबर आए हैं और इतना ही नहीं दोनों भाइयों की शरीर की बनावट भी एक जैसी है। एक जैसा शरीर और एक साथ परीक्षा देकर एक जैसा स्कोर करने वाले इन दो भाइयों की चर्चा अब पूरे देश में है। 

 

राजस्थान के कोटा शहर के दो भाई, महरूफ अममद खान और मसरूर अहमद खान जुड़वां भाई हैं और उनकी चेहरा, सूरत और शरीर समेत सब कुछ एक जैसा है। दोनों का जूते का साइज, चश्मे का नंबर भी एक जैसा है। यह दोनों भाई एक साथ पढ़े, एक साथ पेपर दिया और जेईई मेन सेशन 1 की परीक्षा भी एक ही शिफ्ट में दी। हैरानी की बात है कि दोनों भाइयों का स्कोर भी इस परीक्षा में बराबर रहा। 

 

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285 नंबर किए स्कोर

एक ही शिफ्ट में परीक्षा देने वाले दोनों खान ब्रदर्स ने 300 में से 285 नंबर स्कोर किए हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के स्कोर के हिसाब से देखें तो इन्होंने 99.998 स्कोर किया है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को शक है कि दोनों भाइयों में से किसी एक ने ही दो शिफ्ट में परीक्षा दी होगी लेकिन ऐसा नहीं है। एनटीए के नियमों के अनुसार, अगर दो जुड़वां भाई एक साथ परीक्षा देते हैं तो उन दोनों को एक ही शिफ्ट में परीक्षा देनी होती है। 

 

बचपन से साथ रहे

दोनों भाइयों की कहानी ओडिशा के भुवनेश्वर से शुरू होती है। दोनों भाई 10वीं क्लास के बाद एक ओलंपियाड की तैयारी के लिए कोटा शहर में आए थे लेकिन उन्हें कोटा शहर पसंद आ गया और उन्होंने वहीं, जेईई की तैयारी करना शुरू कर दिया। मसरूर के मुताबिक, वे दोनों एक ही समय पर पढ़ने बैठते थे और एक ही शेड्यूल फॉलो करते थे।

 

 

महरूफ का कहना है, 'हम दोनों के बीच हमेशा एक हेल्दी कॉम्पिटिशन रहा। हम साथ में डाउट क्लियर करते थे और अगर कभी किसी के कम नंबर आते, तो दूसरा उसे मोटिवेट करता था। शायद यही वजह है कि हमारे नंबर एक जैसे आए हैं।'

मां ने बच्चों के लिए छोड़ी नौकरी 

दोनों भाइयों की मां ने उनके करियर के लिए अपना करियर खत्म कर दिया। उनकी मां भुवनेश्वर में एक डॉक्टर थीं। जब उनके बच्चों ने कोटा में रहकर कोचिंग लेने और जेईई की तैयारी का फैसला किया तो उनकी मां भी उनके साथ कोटा शिफ्ट हो गई। उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी ताकि वह अपने बच्चों का पूरा ख्याल रख सकें। 

 

जुड़वां भाइयों की मां डॉक्टर जीनत बेगम ने बताया, मेरे दोनों बच्चे बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार रहे हैं। पहली कक्षा से ही उन्होंने बेस्ट रिजल्ट दिया है। बच्चों की इच्छा थी कि वे इंजीनियर बनें, इसलिए हमने कभी उन पर कोई दबाव नहीं डाला। उनकी पसंद को ही प्राथमिकता दी।

 

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क्या है आगे का प्लान?

महरूफ ने बताया कि उनका आगे का प्लान आईआईटी बॉम्बे में जाकर इंजीनियरिंग करने का है। जेईई मेन में शानदार प्रदर्शन के बाद अब इन दोनों भाइयों की नजर जेईई एडवांस की तैयारी करना है ताकि उनका आईआईटी जाने का सपना पूरा हो सके। महरूफ ने बताया कि कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करने के बाद वह आगे चलकर आईएएस ऑफिसर बनना चाहते हैं।