भारत में इंजीनियरिंग एडमिशन के लिए सबसे मशहूर एंट्रेंस एग्जाम JEE मेन ही है। इसी एग्जाम के जरिए देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन मिलता है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई मेन 2026 सेशन 1 के रिजल्ट सोमवार 16 फरवरी को घोषित कर दिए। इस परीक्षा में 12 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया है। इस रिजल्ट के बाद अब आगे की एडमिशन प्रक्रिया और अगले चरण की परीक्षा में सफल छात्र बैठेंगे। इस परीक्षा के जरिए भारत के साथ-साथ भारत के बाहर भी कुछ कॉलेजों में एडमिशन लिया जा सकता है। इसके लिए आपको अलग से एंट्रेस एग्जाम देने की जरूरत नहीं है।
JEE एग्जाम को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इसके स्कोर से तय होता है कि IITs जैसे संस्थानों में B.Tech में एडमिशन मिलेगा या नहीं। यह परीक्षा भारत समेत विदेश के 15 बड़े शहरों में भी हुआ था, जिनमें दुबई, शारजाह, सिंगापुर, मस्कट और वॉशिंगटन जैसे शहर शामिल हैं। हर साल लाखों स्टूडेंट्स इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सिर्फ कुछ हजार स्टूडेंट्स को ही एडमिशन मिल पाता है।
बहुत कम स्टूडेंट्स को मिलता है IIT
JEE मेंन के बाद देश के टॉप IITs में एडमिशन के लिए छात्र एडवांस की परीक्षा देते हैं। JEE मेन में क्वालिफाई करने वाले छात्र ही एडवांस की परीक्षा दे सकते हैं। भारत के टॉप इंजीनियरिंग संस्थानों में सीटें बहुत कम हैं। ऐसे में बहुत कम छात्रों को ही एडमिशन मिल पाता है। जिन छात्रों को टॉप संस्थानों में एडमिशन नहीं मिल पाते फिर वे देश के बाहर भी विकल्प की तलाश करते हैं। ऐसे में उन्हें देश के बाहर कई संस्थानों में JEE के स्कोर के आधार पर ही एडमिशन मिल जाता है। उन्हें बस वीजा से संबंधित नियमों का पालन करना होता है।
जर्मनी
JEE भारत के कॉलेजों में एडमिशन के लिए करवाई जाने वाली परीक्षा है लेकिन इसे कई विदेशी यूनिवर्सिटी और संस्थानों से भी मान्यता प्राप्त है। भारतीय छात्रों के लिए जर्मनी भी एक बेहतर विकल्प है। इसके पीछे एक बड़ी वजह है कि यहां सरकारी यूनिवर्सिटीज में कोई ट्यूशन फीस नहीं देनी होती है। जर्मनी में 13 साल की स्कूली एजुकेशन होती है। इस वजह से जब भारतीय छात्रों को एडमिशन लेना होता है, तो वह पहले एक साल studienkolleg नाम के कोर्स की पढ़ाई करते हैं। हालांकि, अगर किसी ने JEE अडवांस्ड परीक्षा पास की है, तो उसे जर्मन यूनिवर्सिटी में सीधे एडमिशन मिल सकता है।
ब्रिटेन
भारत से हजारों स्टूडेंट्स ब्रिटेन अपनी हायर एजुकेशन के लिए जाते हैं। ब्रिटेन के बेलफास्ट शहर में स्थित क्वीन यूनिवर्सिटी में JEE मेन या अडवांस्ड एग्जाम के जरिए एडमिशन मिल सकता है। यूनिवर्सिटी के अनुसार, अगर किसी स्टूडेंट ने JEE मेन या अडवांस्ड एग्जाम दिया है, तो फिर उसके स्कोर पर एडमिशन के दौरान विचार किया जा सकता है। यूनिवर्सिटी की गाइडलाइन कहती है, 'अगर स्टूडेंट ने JEE मेन या अडवांस्ड परीक्षा दी है, तो 12वीं क्लास के रिजल्ट के अलावा इस एंट्रेंस टेस्ट के स्कोर पर भी विचार किया जा सकता है। अगर 12वीं क्लास में किसी मेन सब्जेक्ट के नंबर एडमिशन के लिए जरूरी नंबरों से कम हैं, तो ऐसी स्थिति में JEE में अच्छे स्कोर होने पर प्राथमिकता दी जाएगी।'
सिंगापुर
सिंगापुर में भी एक यूनिवर्सिटी ऐसी है जो JEE मेन या अडवांस्ड एग्जाम के स्कोर के आधार पर छात्रों को प्राथमिकता से एडमिशन देती है। वैसे तो यहां की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर में एडमिशन के लिए JEE स्कोर एकमात्र क्राइटीरिया नहीं है, लेकिन फिर भी संस्थान में उन स्टूडेंट्स को प्राथमिकता दी जाती है, जिनकी JEE एग्जाम में अच्छी रैंक है। यूनिवर्सिटी की गाइडलाइंस में कहा गया है कि हई लेवल की उपलब्धि या लीडरशिप पॉजिशन हासिल करने वाले को एडमिशन मिल सकती है। इसमें किसी देश के प्रमुख एग्जाम में किया गया अच्छा स्कोर भी शामिल है।