तमिलनाडु में ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस (AINRC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गठबंधन की सरकार है। चुनाव का एलान हो चुका है लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि यह गठबंधन चुनाव से पहले ही टूट जाएगा। मौजूदा मुख्यमंत्री एन रंगासामी की मांग है कि बीजेपी के शीर्ष नेता वादा करें कि पुडुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्ज दिलाया जाएगा। दूसरी तरफ, एनडीए में लॉटरी किंग मार्टिन के बेटे की पार्टी की एंट्री से भी रंगासामी नाराज हैं। पहले AINRC और थलपति विजय की पार्टी तमिलागा वेट्री कझगम (TVK) के बीच बात नहीं बनी लेकिन अब कहा जा रहा है कि दोनों के बीच फिर से बातचीत हो रही है। चर्चा है कि बीजेपी से बात बिगड़ने की स्थिति में रंगासामी विजय से हाथ मिला सकते हैं।
2021 में साथ चुनाव लड़ने वाली AINRC और बीजेपी के बीच इस बार भी गठबंधन का एलान हो चुका है। सीटों का बंटवारा हो चुका है। 30 विधानसभा सीटों वाले पुडुचेरी में AINRC 16 तो बीजेपी 14 सीटों पर लड़ने वाली है। हालांकि, किस सीट पर कौन लड़ेगा, इसको लेकर अंतिम बातचीत होनी थी। इस बातचीत के लिए होने वाली मीटिंग में रंगासामी के न जाने से यह गठबंधन पटरी से उतरता दिख रहा है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता मनसुख मंडाविया बातचीत के लिए पहुंचे लेकिन रंगासामी मंदिरों की यात्रा पर निकल गए जिससे कयास और तेज हो गए हैं कि अब वह बीजेपी के साथ नहीं रहना चाहते।
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रंगासामी क्या चाहते हैं?
रंगासामी लंबे समय से मांग करते रहे हैं कि पुडुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले। अब चुनाव से ठीक पहले वह इसके लिए नरेंद्र मोदी या अमित शाह जैसे नेताओं से आश्वासन चाहते हैं। बीजेपी चाहती है कि इस गठबंधन में चार्ल्स मार्टिन (सैंटियागो मार्टिन) की पार्टी लतचिया जननायग काची (LJK) को भी एनडीए का हिस्सा बनाया जाए। वहीं, रंगासामी शुरुआत से ही यह कहते आए हैं कि इस गठबंधन में कोई तीसरी पार्टी शामिल नहीं होगी। चार्ल्स मार्टिन थलपति विजय की पार्टी के नेता ए अर्जुन के रिश्तेदार भी हैं। बीजेपी की ओर से यह भी कहा गया है कि LJK के आने से गठबंधन पक कोई असर नहीं होगा लेकिन रंगासामी किसी भी सूरत में तीसरी पार्टी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।
दूसरी तरफ, थलपति विजय की पार्टी से AINRC की बातचीत पिछले साल दिसंबर में भी हुई थी लेकिन तब बात नहीं बनी थी। अब कहा जा रहा है कि रंगासामी लगातार विजय के संपर्क में हैं और वैकल्पिक रास्ता भी देख रहे हैं। वह पुडुचेरी को पूर्ण राज्य के दर्जे को चुनावी मुद्दा बनाकर लड़ना चाहते हैं इसीलिए केंद्र सरकार से आश्वासन चाह रहे हैं। अगर बीजेपी ऐसा वादा करती है तो यह रंगासामी के लिए फायदेमंद हो सकता है।
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बता दें कि 9 अप्रैल को होने वाले इस चुनाव में AINRC और बीजेपी के गठबंधन का मुकाबला कांग्रेस और DMK के गठबंधन से होना है। हालांकि, अभी तक DMK और कांग्रेस के बीच भी सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है।
