केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मतदान से महज कुछ दिन पहले कांग्रेस पार्टी को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब उसके दिग्गज नेता एवी सुब्रमण्यन ने अचानक अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। सुब्रमण्यन ने अपना त्यागपत्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष वी वैथिलिंगम को सौंप दिया है, जिससे चुनावी समर में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

 

आपको बता दें कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के कार्यक्रम के अनुसार, पुडुचेरी की सभी विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में मतदान संपन्न होगा। अब चुनाव से पहले एवी सुब्रमण्यम के इस कदम से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

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क्यों दिया इस्तीफा?

हैरानी की बात यह है कि एवी सुब्रमण्यन का इस्तीफा उसी दिन आया जब पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए अपने 16 उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी की थी। हालांकि, उन्होंने अपने पत्र में इस्तीफे का कारण निजी वजहों और कुछ मजबूरियों को बताया है लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि टिकट वितरण को लेकर वह खासे नाराज थे। चुनाव से ठीक पहले एक सीनियर लीडर का इस तरह साथ छोड़ना कांग्रेस के लिए एक बड़ा सेटबैक माना जा रहा है।


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कांग्रेस की ओर से जारी 16 उम्मीदवारों की लिस्ट में कई दिग्गज नामों को जगह दी गई है। मन्नाडीपट्टू से डीपीआर सेल्वम, ऊसूड़ू से पी कार्तिकेयन और थट्टांचावडी से खुद पीसीसी अध्यक्ष वी वैथिलिंगम चुनाव मैदान में उतरेंगे। इसके अलावा इंदिरानगर से एन राजा कुमार और लॉस्पेट से एम वैद्यनाथन को भी टिकट मिला है। जानकारों का कहना है कि सुब्रमण्यन की नाराजगी कुछ खास सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर थी, जिसके चलते उन्होंने चुनाव प्रचार के बीच में ही किनारा कर लेना बेहतर समझा।

पुडुचेरी में कांग्रेस-DMK गठबंधन

इस बार पुडुचेरी की सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस ने द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के साथ हाथ मिलाया है। दोनों दलों के बीच हुए समझौते के तहत कांग्रेस राज्य की कुल 30 सीटों में से 16 पर अपने उम्मीदवार उतार रही है, जबकि 14 सीटें DMK के खाते में गई हैं। DMK अपनी सीटों में से अन्य छोटे सहयोगी दलों को भी हिस्सेदारी देगी। तमिलनाडु की तरह पुडुचेरी में भी यह गठबंधन काफी मजबूत माना जा रहा था लेकिन आंतरिक कलह ने अब गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।