पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए सरगर्मियां तेज हैं। इस बीच तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का एक डेलिगेशन बुधवार सुबह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने पहुंचा था। इस मुलाकात के बाद TMC के नेताओं ने आरोप लगाए हैं कि सिर्फ 7 मिनट की मीटिंग में ही CEC ने उन्हें 'Get Lost' यानी निकल जाने को कह दिया। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी के नेता पश्चिम बंगाल में हो रहे अधिकारियों के ट्रांसफर पर और अन्य मुद्दों पर अपनी शिकायत लेकर CEC के पास गए थे। TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने यह भी कहा है कि इस मामले पर बीजेपी विरोधी पार्टियां आज शाम को 4 से 4:30 बजे तक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी।

 

TMC लगातार आरोप लगा रही है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के इशारे पर अधिकारियों के ट्रांसफर किए जा रहे हैं। इसके अलावा, SIR को लेकर भी टीएमसी का कहना है कि जानबूझकर उन सीटों और जिलों में वोट ज्यादा काटे गए हैं जहां तृमणूल कांग्रेस जीतती आ रही थी। भबानीपुर में अपना नामांकन दाखिल करने के बाद ममता बनर्जी ने भी कहा है कि उन्हें दुख है कि इतने सारे लोगों के नाम SIR के चलते हटा दिए गए हैं। डेरेक ओ ब्रायन के इस बयान के बाद चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें आयोग में डेकोरम बनाकर रखना चाहिए, चिल्लाना और गलत व्यवहार करना ठीक नहीं है।

 

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क्या बोले डेरेक ओ ब्रायन?

अब CEC से मुलाकात के बाद TMC के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा है, 'पहले हम लोगों को EC के गेट पर प्रेस कॉन्फ्रें करने की अनुमति थी लेकिन अब इसकी भी अनुमति नहीं है। मैं, मेनरा गुरुस्वामी, साकेत गोखले और सागरिका घोष CEC से मिलने गए थे। 7 मिनट की मीटिंग में ही CEC ने TMC के डेलिगेशन को कहा कि Get Lost यानी कि निकल जाओ। हम लोकसभा में दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी हैं और हमें कहते हैं कि निकल जाओ। हम निकल गए।'

 

उन्होंने कहा, 'हम लोगों ने CEC को 9 चिट्ठियां दिखाईं जो टीएमसी की मुखिया ने चुनाव आयोग को लिखी हैं और इनका कोई जवाब नहीं मिला है। हमने उन्हें 6 उदाहरण दिए जिनमें अधिकारी बीजेपी के जुड़े हुए हैं और वे चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इसमें एक उदाहरण- मुख्य चुनाव अधिकारी का है जो बीजेपी के लोगों के साथ थे। ये सब करने में हमें 2-3 मिनट लगे। हमने उनसे पूछा कि आप निष्पक्ष चुनाव कैसे कराना चाह रहे हैं? इसके बाद उन्होंने कहा कि हम लोग निकल जाएं।'

 

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डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, 'मैं 22 साल से TMC में हूं, 16 साल से संसद में हूं। हम बहुत अधिकारियों से मिले लेकिन आज जो मैंने देखा वह शर्मनाक है। मैं CEC को चुनौती देता हूं कि आज जो हुआ, उसका वीडियो या ऑडियो जारी करें। हम लोग जब निकल रहे थे तो हमने उन्हें बधाई दी कि वह अब तक के इकलौते CEC बने हैं जिसे हटाने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में नोटिस दिया गया है। सभी विपक्षी दल आज शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।'

EC के ट्वीट पर बवाल

इस मीटिंग के ठीक बाद चुनाव आयोग ने एक ट्वीट किया, 'चुनाव आयोग की तृणमूल कांग्रेस को दो टूक। पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव: भय रहित, हिंसा रहित, धमकी रहित, प्रलोभन रहित, छापा रहित, बूथ एवं सोर्स जामिंग रहित होकर ही रहेंगे।' मीडिया से बातचीत में डेरेक ओ ब्रायन ने यह ट्वीट भी पढ़कर आरोप लगाए और चुनाव आयोग को चोर कहा। SIR के तहत वोट कटने के सवाल पर डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि यह मामला अब चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के बीच है।

 

बता दें कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव दो चरण में होने हैं। पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल को होना है और 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग होगी। चुनाव के नतीजे 4 मई को आने हैं।