पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर में मतदान के दौरान एक बुजुर्ग मतदाता की मौत हो गई थी। जिसको लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय बलों की धक्का-मुक्की के कारण बुजुर्ग की मौत हुई। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और मौत की वजह बीमारी बताई है।

 

अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि बुजुर्ग अपने बेटे के साथ वोट डालने पहुंचे थे। चलने में असमर्थ होने के कारण बेटा उन्हें सहारा दे रहा था। तभी केंद्रीय बलों ने धक्का दिया, जिससे बुजुर्ग गिर पड़े और बाद में उनकी मौत हो गई। इस बयान के बाद मामला सियासी रूप ले गया।

 

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चुनाव आयोग ने दी सफाई

चुनाव आयोग ने अपने बयान में ने साफ किया कि मौत किसी धक्का-मुक्की के कारण नहीं हुई। उदयनारायणपुर विधानसभी के जनरल ऑब्जर्वर ने कहा, '82 साल के पूर्णा चंद्र डोलुई वोट डालने के लिए अपने बेटे के साथ 182-उदयनारायणपुर विधानसभा के बूथ नंबर 245 पर आए थे। वोट डालने के बाद वह अचानक वोटिंग कम्पार्टमेंट के पास गिर पड़े, बताया जा रहा है कि तबीयत खराब होने की वजह से ऐसा हुआ। उस वक्त उनका बेटा भी बूथ के अंदर ही मौजूद था। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अमता अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद मैंने खुद बूथ का दौरा किया।'

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BJP ने TMC पर साधा निशाना

इस मामले पर BJP ने भी TMC को घेरा है। बंगाल BJP नेताओं का कहना है कि सत्ताधारी दल दूसरे चरण में हिंसा देखने के लिए बेताब था लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण जब वे सफल नहीं हुए तो अब बीमारी से हुई प्राकृतिक मौत को हत्या का रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। BJP ने इसे TMC की हताशा बताया और कहा कि जनता 2021 की तरह 2026 में भी इन्हें सबक सिखाएगी।

दूसरे चरण में जमकर हुई वोटिंग

चुनाव आयोग ने बताया कि शाम 7:45 बजे तक पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग 91.66% रही। पहले चरण में 93.19% मतदान हुआ था। दोनों चरणों को मिलाकर कुल वोटिंग प्रतिशत 92.47% पहुंच गया है। इससे पहले पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 84.72% मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।