पांच चुनावी राज्यों में वोटिंग खत्म होने के बाद Exit Polls भी सामने आ गए हैं। ज्यादातर एग्जिट पोल्स 3 राज्यों में मौजूदा सरकार बरकरार रहने और दो में बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं। जिन राज्यों में बदलाव की बात ज्यादातर एग्जिट पोल्स कर रहे हैं, उनमें पश्चिम बंगाल और केरल प्रमुख हैं। केरल में लेफ्ट गठबंधन की सरकार है और वहां कांग्रेस के जीतने के आसार हैं और पश्चिम बंगाल में यह कहा जा रहा है कि इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) जीत सकती है और ममता बनर्जी सत्ता से बाहर हो सकती हैं। एग्जिट पोल्स के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए कोई भी दल इन पर पूरी तरह से भरोसा नहीं कर पा रहा है क्योंकि लगभग हर राज्य में एक-दो एग्जिट पोल्स ऐसे भी हैं जो बिल्कुल अलग बात कह रहे हैं।
तमिलनाडु में ज्यादातर एग्जिट पोल्स सत्ताधारी गठबंधन की जीत दिखा रहे हैं लेकिन एक्सिस माय इंडिया के मुताबिक, थलपति विजय की तमिलागा वेट्री कजगम के भी सत्ता में आने के आसार हैं। इसी तरह पश्चिम बंगाल में दो एग्जिट पोल्स ममता बनर्जी की वापसी का अनुमान लगा रहे हैं। केरल में कई एग्जिट पोल्स में लेफ्ट और यूडीएफ के बीच कांटे की टक्कर है। ऐसे में एग्जिट पोल्स के पुराने अनुमानों और उनके सही या गलत होने के रिकॉर्ड को जान लेना भी बेहद जरूरी है।
केरल में कितने सही हुए थे एग्जिट पोल्स?
केरल में पिछले 10 साल से लेफ्ट डेमोक्रैटिक फ्रंट की सरकार है। 2021 के चुनाव में 140 में से 99 सीटों पर एलडीएफ गठबंधन को जीत मिली थी जबकि सरकार बनाने के लिए 71 सीटें ही चाहिए थीं। पिछली बार कांग्रेस की अगुवाई वाला गठबंधन कमजोर दिख रहा था और ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने लेफ्ट की वापसी ही दिखाई थी। कुछ एग्जिट पोल्स ऐसे भी थे जो किसी को भी स्पष्ट बहुमत न मिलने की बात कर रहे थे। नतीजे आए तो ज्यादातर एग्जिट पोल्स की बात सच साबित हुई थी और केरल में फिर से लेफ्ट की सरकार बन गई थी।
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इस बार का अनुमान: इस बार केरल में एक भी एग्जिट पोल ऐसा नहीं है जो लेफ्ट की जीत का अनुमान लगा रहा हो। सिर्फ P-MARQ के एग्जिट पोल में लेफ्ट को 62 से 69 सीटें मिलने का अनुमान है और इसकी भी अधिकतम सीमा बहुमत से कम है। वहीं, कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन को हर एग्जिट पोल ने कम से कम 70 और अधिकतम 90 सीटे मिलने का अनुमान लगाया है।
तमिलनाडु में क्या हुआ था?
2021 में AIADMK बेहद कमजोर स्थिति में थी और तब विजय जैसा कोई तीसरा फैक्टर नहीं था। 234 विधानसभा सीटों वाले तमिलनाडु में सभी एग्जिट पोल्स ने DMK वाले गठबंधन को 170 से ज्यादा सीटें जीतने का अनुमान लगाया था। चुनाव नतीजों के मामले में सबके एग्जिट पोल्स सही साबित हुए थे लेकिन सीटों की संख्या थोड़ी कम रह गई थी। 2021 में 150+ सीटों के साथ DMK गठबंधन ने सत्ता में वापसी की थी।
इस बार का अनुमान: इस बार Vote Vibe और एक्सिस माय इंडिया को छोड़कर बाकी सभी एग्जिट पोल्स ने सत्ताधारी गठबंधन यानी DMK-कांग्रेस गठबंधन के सत्ता में बने रहने की उम्मीद जताई है। Vote Vibe के मुताबिक, एनडीए गठबंधन 114 से 124 सीटें जीत सकता है। वहीं, सत्ताधारी गठबंधन भी 103 से 114 सीटें जीत सकता है। इस बार सबसे चौंकाने वाला एग्जिट पोल एक्सिस माय इंडिया का है। उसका मानना है कि पहली बार चुनाव लड़ रहे विजय की पार्टी TVK 98 से 120 सीटें जीतकर अकेले सरकार बनाने की स्थिति में आ सकती है।
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असम में क्या था अनुमान?
असम में 2021 में बीजेपी की ही सरकार थी और कांग्रेस तब AIUDF के साथ चुनाव लड़ रही थी। ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने यह दिखाया था कि बीजेपी फिर से सत्ता में आई थी। 126 सीटों वाली असम विधानसभा में 64 सीटों की जरूरत थी और ज्यादातर एग्जिट पोल्स बीजेपी के गठबंधन को 60 से 85 सीटें दे रहे थे। कांग्रेस के गठबंधन को 40 से 66 सीटें मिलने का अनुमान था यानी कि कुछ एग्जिट पोल्स में कांग्रेस की सरकार आने के भी आसार दिखाए गए थे। हालांकि, जब नतीजे आए तो बीजेपी विजयी हुई थी और कांग्रेस एक बार फिर सत्ता से बाहर रह गई थी।
इस बार का अनुमान: इस बार एक भी एग्जिट पोल ऐसा नहीं है जो असम में कांग्रेस के गठबंधन को बहुमत के आसपास भी दिखा रहा हो। वहीं, बीजेपी के गठबंधन को 70 से 100 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। इस बार कांग्रेस को अधिकतम 40 सीटें मिलने का अनुमान है।
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पुडुचेरी में कितने सही थे एग्जिट पोल्स?
पुडुचेरी में सिर्फ 30 सीटें हैं, बेहद कम वोटर हैं और कुछ हजार वोटों से पूरी सरकार बदल जाती है। बहुमत के लिए 16 सीटों की जरूरत होती है और 2021 में ज्यादातर एग्जिट पोल्स ने AINRC+BJP के गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिलता दिखाया था। एग्जिट पोल्स एकदम सही भी साबित हुए थे और कांग्रेस गठबंधन को करारी हार मिली थी।
इस बार का अनुमान: इस बार भी एक भी ऐसा एग्जिट पोल नहीं है जो कांग्रेस की वापसी का अनुमान लगा रहा हो। कांग्रेस को अधिकतम 13 सीटें मिलने का अनुमान है और बीजेपी का गठबंधन 15 से 25 सीटें तक जीत सकता है।
बंगाल में फिर गलत साबित होंगे एग्जिट पोल?
बंगाल के पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव गलत साबित हो चुके हैं। 2021 में लगभग हर एग्जिट पोल ने बीजेपी की सीटें कम से कम 100 और अधिकतम 185 तक दिखाई थीं। दो एग्जिट पोल्स में बीजेपी की सरकार बनते भी दिखाया गया था। ज्यादातर गठबंधनों में टीएमसी की सरकार बनती तो दिख रही थी लेकिन किसी ने भी टीएमसी को 200+ सीटें मिलने का अनुमान नहीं जताया था। कई एग्जिट पोल्स ने अन्य को 10 से 25 सीटें मिलने का भी अनुमान लगाया था।
बंगाल के एग्जिट पोल 2021 में काफी हद तक गलत साबित हुए थे। बीजेपी को सबने 100 से ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान जताया था लेकिन वह 77 सीटें ही जीत पाई। टीएमसी को 155 सीटें मिलने का अनुमान था लेकिन वह 2016 से भी ज्यादा यानी 216 सीटें जीतकर सत्ता में आई थी। अन्य को औसतन 12 सीटें मिलने का अनुमान था लेकिन उसे सिर्फ 1 सीट मिली थी।
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इस बार का अनुमान: इस बार पीपल्स पल्स ने टीएमसी की सरकार बनता दिखाया है। वहीं, जनमत पोल्स ने भी टीएमसी की सरकार बनने का अनुमान लगाया है और 195 से 205 सीटों पर जीत की बात कही है। वहीं, मैट्राइज के पोल में कांटे की टक्कर है लेकिन बीजेपी की जीत का अनुमान है। चाणक्य स्ट्रैटजीस और P-Marq ने बीजेपी की सरकार बनने का अनुमान लगाया है और JVC के मुताबिक, कांटे की टक्कर हो सकती है।
रोचक बात है कि किसी ने भी टीएमसी को 110 से कम सीटें मिलने का अनुमान नहीं जताया है। इसी तरह बीजेपी को भी हर एग्जिट पोल में 95+ सीटें मिलने का अनुमान है।
अब इन एग्जिट पोल्स के अनुमान और पिछले रिकॉर्ड को देखें तो यह कहा जा सकता है कि केरल में यूडीएफ और असम, पुडुचेरी में एनडीए की सरकार बन सकती है। वहीं, तमिलनाडु में सत्ताधारी गठबंधन चुनाव जीतने की स्थिति में है। पश्चिम बंगाल में कांटे की टक्कर हो सकती है लेकिन पिछले नतीजों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि अंतिम बाजी टीएमसी के पक्ष में जा सकती है।
