तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को वोटों की गिनती यानी 4 मई के दिन कोलकाता में मौजूद रहने की चुनौती दी है। अभिषेक बनर्जी उस बयान का जवाब जवाब दे रहे थे जिसमें अमित शाह ने कहा था कि वोटिंग के दिन टीएमसी के गुंडे अपने घर पर ही रहें। अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि जितना बदनाम किया जाएगा, वह उतने ही मजबूत होंगे।
पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के भगवानपुर में एक चुनावी रैली में अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘अगर आपमें हिम्मत है तो मतगणना के दिन कोलकाता में मौजूद रहें, तब हम देखेंगे।’ उन्होंने ममता बनर्जी के चौथी बार मजबूत जनादेश के साथ सत्ता में लौटने का विश्वास जताया है। बीजेपी नेताओं से धमकियां मिलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘हमें धमकियां मिल रही हैं। गृह मंत्री कह रहे हैं कि तृणमूल कार्यकर्ता अपने घरों से बाहर न निकलें वरना उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह यहां आकर बंगाल के लोगों को धमकाए।’
BJP पर जमकर बरसे अभिषेक बनर्जी
चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल में आरोप-प्रत्यारोप बढ़ने के बीच अभिषेक बनर्जी ने संभावित राजनीतिक बदला लिए जाने का संकेत दिया। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा, 'मैंने एक सूची तैयार की है- ब्लॉक दर ब्लॉक, पंचायत दर पंचायत। सूद सहित हिसाब चुकता किया जाएगा।' बता दें कि बीजेपी ने अतीत में दावा किया था कि तृणमूल शासन के दौरान उसके सैकड़ों कार्यकर्ताओं की हत्या की गई और उन्हें डराया-धमकाया गया।
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अब अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। तृणमूल महासचिव ने कहा, ‘प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), आयकर विभाग, निर्वाचन आयोग - किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से कुछ नहीं होगा। आप जितना हमें बदनाम करेंगे, हम उतने ही मजबूत होते जाएंगे।' इस मुकाबले को दिल्ली की सत्ता और बंगाल की जनता के बीच की लड़ाई बताते हुए उन्होंने कहा, ‘एक तरफ दिल्ली के शक्तिशाली नेता, संस्थाएं हैं और दूसरी तरफ बंगाल के 10 करोड़ लोग और चप्पल पहने एक महिला हैं।’ अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर बंगालियों को बांग्लादेशी कहकर उनका अपमान करने और उनकी खान-पान की पसंद को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया और अपील की कि लोग अपने वोट के जरिए मुंहतोड़ जवाब दें।
कुड़माली के बहाने BJP पर निशाना
अभिषेक बनर्जी प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और कुड़माली भाषा की लंबित मान्यता को लेकर बीजेपी पर हमला किया। झाड़ग्राम जिले के गोपीबल्लभपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए इन दोनों मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बीजेपी के घोषणा पत्र में पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने पर यूसीसी लागू करने का वादा किए जाने का जिक्र करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि यह आदिवासी समुदायों के रीति-रिवाजों और प्रथाओं को दरकिनार करते हुए उनपर उल्टा असर डालेगा। उन्होंने बीजेपी पर लोगों को धार्मिक आधार पर बांटने का भी आरोप लगाया।
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उन्होंने केंद्र सरकार पर झाड़ग्राम जिले सहित राज्य के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा बोली जाने वाली कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने दो महीने पहले केंद्र को पत्र लिखकर इस भाषा को शामिल करने की मांग की थी लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया।
बता दें कि बीजेपी ने बंगाल के लिए अपने घोषणा-पत्र में कुड़माली और राजबंशी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का वादा किया है। अभिषेक बनर्जी ने महिलाओं को 3,000 रुपये की प्रस्तावित मासिक सहायता के लिए फॉर्म भरने के खिलाफ आगाह किया और आरोप लगाया कि इसी तरह के वादों के बावजूद बीजेपी शासित किसी भी राज्य ने ऐसी योजना लागू नहीं की है। राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे। मतगणना 4 मई को होगी।
