पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी बीजेपी के बीच सियासी तल्खियां तेज होती जा रही हैं। दोनों ओर से एक दूसरे पर वार-पलटवार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी को लेकर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि भगवा पार्टी बंगाल को बर्बाद करना चाहती है। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी बंगाल को बर्बाद करने की कोशिश करेगी तो उसे पूरे देश की सत्ता खोनी पड़ेगी। 

 

इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बीजेपी की पहली बार सरकार बनी थी, अब पश्चिम बंगाल की बारी है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार जाएगी और बीजेपी प्रचंड बहुमत से सरकार बना रही है। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव की घोषणा हो चुकी है और बीजेपी के सभी कार्यकर्ता हमारे प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में बंगाल में बीजेपी की सरकार बनाने के लिए बड़े आत्मविश्वास के साथ चुनावी मैदान में हैं।

 

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'यूपी मॉडल' को अपनाने की बात

सीएम को घेरने के लिए बीजेपी भी तमाम हथकंडे अपना रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने बंगाल में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के 'यूपी मॉडल' को अपनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है तो यूपी के एनकाउंटर मॉडल को अपनाया जाएगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि दिलीप घोष ऐसा क्यों चाहते हैं?

 

बंगाल बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि अगर उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है तो पुलिस महकमें में पूरी तरह से बदलाव होगा। राज्य पुलिस अपराधियों के खिलाफ 'यूपी स्टाइल में एनकाउंटर' करना शुरू करेगी। पश्चिमी मेदिनीपुर के खड़गपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए घोष ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की पुलिस वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर काम करती है। राज्य में पुलिस अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रही है।

 

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...तो एनकाउंटर करना शुरू करेगी पुलिस

उन्होंने कहा कि चार मई को नतीजे आने के बाद बंगाल में सबकुछ बदल जाएगा।  दिलीप घोष का कहना है कि जो पुलिस आज माफियाओं के साथ बैठकर चाय पीती है और भ्रष्ट नेताओं की चमचा बनकर काम करती है, उसका चरित्र बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार बनते ही पुलिस उत्तर प्रदेश की तरह एनकाउंटर स्टाइल में काम करेगी और अपराधियों को सलाखों के पीछे डालेगी। साथ ही यूपी स्टाइल में एनकाउंटर करना शुरू कर देगी।

आमने-सामने आईं बीजेपी-टीएमसी

दिलीप घोष के इस बयान ने बंगाल में विवाद खड़ा कर दिया है। इसपर टीएमसी ने बीजेपी पर खुले तौर पर गैर-न्यायिक तरीके से हिंसा का समर्थन करने का आरोप लगाया है। कोलकाता के मेयर और टीएमसी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम ने कहा कि एनकाउंटर स्टाइल उत्तर प्रदेश में चलता है, पश्चिम बंगाल में नहीं। चुनाव आयोग को दिलीप घोष के इस भाषण पर ध्यान देकर कार्रवाई करनी चाहिए। 

गुंडों और माफियाओं के लिए मांग

दिलीप घोष ने दावा किया कि उन्होंने खड़गपुर में लंबे समय तक गुंडों और माफिया से लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा, 'मैंने खड़गपुर में गुंडों और माफिया के खिलाफ कई लड़ाइयां लड़ी हैं। मैं आगे भी लड़ूंगा। लेकिन शायद इस बार इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। एक बार जब बीजेपी सत्ता में आ जाएगी तो अपराध में शामिल हर व्यक्ति पकड़ा जाएगा और जेल भेजा जाएगा।'

 

उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद पुलिस सीएम ममता बनर्जी के कटआउट हटाने में हिचकिचा रही है। पुलिस मुख्यमंत्री के कटआउट हटाने से भी डर रही है। हमने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है। चुनाव आयोग को सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव बिना किसी पक्षपात के कराए जाएं। दरअसल, दिलीप घोष ने 2016 से 2019 तक खड़गपुर सदर से विधायक रहे हैं। बीजेपी ने इसी सीट पर फिर से मैदान में उतारा है। बंगाल में खड़गपुर सदर वह सीट है, जहां से बीजेपी शुरुआती समय से ही जीतती आ रही है। बीजेपी ने इसी सीट से विस्तार करना शुरू किया था।