अभिनेता अभिलाष थपलियाल ने अपनी मेहनत से इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया है। वह हाल ही में वेब सीरीज 'एस्पीरेंट्स' के तीसरे सीजन में नजर आए थे। उन्होंने सीरीज में एसके का रोल निभाया है। इससे पहले वह अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर Kennedy में नजर आए थे। इस फिल्म में सनी लियोनी और राहुल भट्ट मुख्य भूमिका में हैं।

 

अभिलाष जिस पर किरदार को करते हैं उसमें जान डाल देते हैं। अपने लेटेस्ट इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर उनके नाम के सरनेम में भी खान या कपूर होता तो काम मिलना आसान होता। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

 

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आउटसाइडर होने पर छलका दर्द

अभिलाष ने कहा, 'मैं बहुत ही अनुशान वाला व्यक्ति हूं। अगर आपने मुझे फिल्म में कोई काम दिया है तो अपनी पूरी क्षमता के साथ निभाता हूं। मैं खुदकिश्मत था कि मुझे साइको किलर ब्लर में काम करने का मौका मिला। इसके बाद एस्पीरेंट्स में टीचर बने और अनुराग कश्यप की Kennedy में घोस्ट बने। मैं हमेशा वैसे प्रोजेक्ट्स करना चाहता हूं जो समाज पर प्रभाव डाले और कॉमेडी वाले किरदार भी करना चाहता हूं। एक आउटसाइडर के तौर पर हमें जो भी मिल उसमें से ही चुनना है। हम बहुत देर तक रिजेक्ट नहीं कर सकते हैं। हमें जैसा काम चाहिए उसके लिए पहले जो काम मिल रहा है उसे करना होगा।'

 

जब अभिलाष से पूछा गया कि कभी उन्हें फिल्मी परिवार में नहीं पैदा होने का मलाल होता है। इस पर उन्होंने ईमानदारी से हां में जवाब दिया।

 

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नाम में 'खान' और 'कपूर' होने का फायदा

उन्होंने कहा, 'किसी फिल्म परिवार में पैदा होना किसी प्रिवलेज से कम नहीं है। अगर मेरे नाम के सरनेम में भी खान या कपूर होता तो मेरे लिए चीजें अलग और आसान होती। अगर कोई स्टारकिड किसी शराब या विलेन के रोल को शानदार तरीके से पर्दे पर निभाता तो उसे अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में काम करने का मौका मिलता। उसके साथ पूरी इंडस्ट्री का सपोर्ट होता। वहीं, आउटसाइडर को बार-बार बताना पड़ता है कि उन्होंने कौन-कौन से रोल किए हैं। सिर्फ बड़ा सरनेम आपको स्टार नहीं बनाता है। इसके लिए टैलेंट होना भी जरूरी है। अगर आपके पास टैलेंट के साथ फिल्मी बैकग्राउंड है तो रास्ता आसान हो जाता है।'