बॉलीवुड और पंजाबी सिनेमा के सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म 'सतलुज' को लेकर इस वक्त एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में बड़ा बवाल मच गया है। बेहतरीन रिव्यूज और दर्शकों की भारी तारीफों के बीच इस फिल्म को रिलीज के महज दो दिन बाद ही ओटीटी प्लेटफॉर्म Zee5 से अचानक हटा दिया गया है। यह फिल्म पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की सच्ची कहानी पर बनी है जिन्होंने 1995 में पुलिस की ज्यादतियों और करीब 25,000 लोगों के गैर-कानूनी अंतिम संस्कार के सच को उजागर किया था। 3 जुलाई को बिना किसी कट के रिलीज हुई इस फिल्म को 5 जुलाई को इंडिया में अचानक 'पॉज' कर दिया गया, जिससे हर कोई हैरान है। हैरानी की बात यह है कि खुद दिलजीत दोसांझ ने इसके बंद होने की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी।

 

फिल्म के अचानक गायब होने के बाद जी5 ने सोशल मीडिया पर एक ऑफिशियल नोट जारी किया है। एंटरटेनमेंट वर्ल्ड में इस बात की खूब चर्चा है कि प्लेटफॉर्म ने फिल्म को हटाने की कोई साफ वजह नहीं बताई है। जी5 ने अपने बयान में कहा कि अभी के हालातों की वजह से 'सतलुज' को अभी इंडिया में नहीं देखा जा सकेगा। हालांकि, कंपनी ने साफ कर दिया है कि वे फिल्म की टीम और इसकी कहानी के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने उन सभी दर्शकों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने इस फिल्म को देखने के लिए स्पेशल सब्सक्रिप्शन लिया। जी5 ने वादा किया है कि वे कानूनी तौर पर हर सही रास्ता अपनाएंगे ताकि इस फिल्म को जल्द से जल्द दर्शकों के लिए वापस लाया जा सके।

 

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दिलजीत दोसांझ की भविष्यवाणी

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि दिलजीत दोसांझ को पहले से पता था कि फिल्म के साथ ऐसा कुछ होने वाला है। फिल्म रिलीज होने के ठीक बाद दिलजीत इंस्टाग्राम पर लाइव आकर अपने फैंस से बात कर रहे थे। तब एक फैन ने उनसे पूछा कि क्या आपको डर है कि फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा? इस पर दिलजीत ने खुलकर कहा कि हां, उन्हें बिल्कुल डर है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा था, 'आज शनिवार है। मुझे लगता है कि सोमवार तक इस फिल्म को हटा दिया जाएगा। पर कोई बात नहीं, आप लोग इसे डाउनलोड करके रख लो।' दिलजीत का यह अंदाजा बिल्कुल सच साबित हुआ और फिल्म सोमवार आने से पहले ही संडे को गायब हो गई।

दिलजीत दोसांझ का  सोशल मीडिया पोस्ट

फिल्म के रिलीज होने पर दिलजीत ने सोशल मीडिया पर एक बेहद इमोशनल पोस्ट भी शेयर किया था। उन्होंने अपनी टीम के साथ हुई पुरानी बातचीत को याद करते हुए लिखा, 'मैं अक्सर अपनी टीम से पूछता रहता था कि क्या यह फिल्म कभी रिलीज नहीं होगी? क्या हम दुनिया को अपनी कहानी भी नहीं बता सकते?' उन्होंने आगे लिखा कि जसवंत सिंह खालरा साहब की आवाज को साल 1995 में भी दबा दिया गया था और आज भी उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। दिलजीत ने बताया कि यह उनके पूरे करियर की सबसे मुश्किल फिल्मों में से एक थी। इसका उनके दिमाग पर इतना गहरा और भारी असर हुआ था कि शूटिंग के बाद उन्हें खुद को संभालने के लिए पूरे एक हफ्ते का ब्रेक लेना पड़ा था।

 

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फिल्म का पुराना विवाद

इस फिल्म का नाम पहले 'पंजाब 95' रखा गया था और इसे रिलीज होने में पूरे तीन साल का वक्त लगा। जब इसे सिनेमाघरों में लाने की तैयारी थी तब सेंसर बोर्ड ने इस पर 125 कट्स लगाने को कहा था लेकिन मेकर्स इसके लिए तैयार नहीं हुए। आखिरकार इसे सीधे ओटीटी पर बिना किसी कट के रिलीज किया गया था। इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ बॉलीवुड एक्टर अर्जुन रामपाल भी मुख्य रोल में हैं।