बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने बाउंस चेक मामले में राजपाल को 4 फरवरी शाम 4 बजे तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। इस मामले में उन्हें 6 महीने की सजा हुई है। हाई कोर्ट ने 3 फरवरी को उनकी याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने जेल में आत्मसमर्पण करने के लिए समय मांगा था।
हाईकोर्ट ने राजपाल को 4 फरवरी की शाम 4 बजे तक जेल के अधीक्षक के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा कि उन्हें 2 फरवरी को सरेंडर करने के लिए 2 दिन का समय दिया गया था।
यह भी पढ़ें: कौन हैं नाइजीरियन रैपर Yung Sammy जिन पर सपना चौधरी ने किया नस्लवादी कमेंट?
कोर्ट ने राजपाल को लगाई फटकार
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने कहा, 'मैंने आपकी अर्जी पहले ही खारिज कर दी थी और सरेंडर के लिए दो दिन का समय दिया था।' वहीं, राजपाल ने वकील ने कहा, 'अगर एक हफ्ते और मिल जाएंगे तो वह भुगतान कर देंगे। उन्होंने 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लिया है। उन्होंने मुझे सबूत दिए हैं कि वह कल पैसे लौटा देंगे।'
कोर्ट ने कहा, 'राजपाल ने कोर्ट को पैसे लौटाने का आश्वसन दिया था लेकिन ट्रायल कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। उन्हें अब 4 बजे तक तिहाड़ जेल में सरेंडर करना होगा'
यह भी पढ़ें: फिल्म 'घूसखोर पंडत' के नाम को लेकर विवाद, लोगों ने बायकॉट की मांग की
क्या है पूरा मामला
राजपाल यादव के खिलाफ M/s Murali Projects नाम की कंपनी ने 7 अलग-अलग चेक बाउंस के केस दर्ज कराए थे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस शर्मा ने कहा कि राजपाल ने नियमों का उल्लंघन किया है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने हर केस में राजपाल यादव पर 1.35 करोड़ की जिम्मेदारी डाली थी। इसका मतलब करीब 9 करोड़ रुपये बनते हैं। राजपाल यादव ने अक्तूबर 2025 में 75-75 लाख के दो डिमांड ड्राफ्ट जमा किए गए हैं और 9 करोड़ रुपये बकाया है।
