बांग्लादेश में सड़कों पर प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को ढाका की सड़कों पर नौवें राष्ट्रीय वेतनमान को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर सरकारी कर्मचारियों का उग्र आंदोलन देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक आवास जमुना की ओर मार्च निकाला। शाहबाग से शुरू हुआ यह विरोध देखते ही देखते राजधानी के संवेदनशील इलाकों तक फैल गया, जिससे हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं।
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन, आंसू गैस और साउंड ग्रेनेड का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग भी तोड़ी, सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई और पुलिस से झड़प में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं। यह प्रदर्शन वेतनमान की देरी को लेकर किया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि अब वह और इंतजार नहीं कर सकते। इन विरोध प्रदर्शनों के चलते राजधानी ढाका के कुछ हिस्सों में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और पुलिस ने कार्रवाई की है। शहीद मीनार से मार्च करते हुए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बरिकेड्स तोड़ दिए और आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक आवास जमुना के पास तनाव भड़क उठा।
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पुलिस से हुई झड़प
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन, आंसू गैस के गोले और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया, जबकि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) की छह प्लाटून को काकराइल मस्जिद और होटल इंटरकॉन्टिनेंटल के आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। शाहबाग पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोहम्मद मोनिरुज्जमान के अनुसार, सरकारी कर्मचारी सुबह करीब 10:30 बजे शाहबाग में इकट्ठा होने लगे और चौराहे को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया, जिससे आसपास की सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई है।
सड़कों को खाली करने के बार-बार अनुरोध के बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने वहां से हटने से इनकार कर दिया है। जब जुलूस जमुना की ओर बढ़ा और होटल इंटरकॉन्टिनेंटल क्रॉसिंग पर पहुंचा तो पुलिस ने इसे रोकने का प्रयास किया। इंटरकॉन्टिनेंटल चौराहे पर कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए है और पुलिस उन्हें वहां से ले गई है।
नहीं होगा कोई समझौता
हालांकि, सूचना के मुताबिक पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया है। शाहबाग पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी मोनिरुज्जमान ने कहा है सरकारी कर्मचारी संघ परिषद (सरकारी कर्मचारी एकता परिषद) के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों से कोई समझौता नहीं होगा।
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ठप रही आवाजाही
यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश के अनुसार, बांग्लामोटर-शाहबाग सड़क पर यातायात कई घंटों तक बंद रहा और दोपहर 1:15 बजे के बाद फिर से शुरू हुआ है। ढाका महानगर पुलिस (डीएमपी) के आयुक्त एसएम सज्जात अली ने स्थिति का जायजा लेने के लिए इलाके का दौरा किया, जबकि पुलिस उपायुक्त (रमना डिवीजन) मसूद आलम ने कहा कि पुलिस कानून और व्यवस्था में किसी भी तरह की दिक्कत को रोकने के लिए काम कर रही है।
मसूद आलम ने आगे कहा, 'हम सतर्क हैं ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। हम प्रदर्शनकारियों से बात कर रहे हैं ताकि वे कहीं और चले जाएं। कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे केवल वेतनमान में संशोधन की मांग को लेकर इकट्ठा हुए थे और उनका कोई दूसरा इरादा नहीं था। हिरासत में लिए गए एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है और मौजूदा वेतन से वह अपने परिवार का भरण-पोषण नहीं कर सकता है।'
युवा विकास विभाग में कार्यालय सहायक के रूप में कार्यरत एक प्रदर्शनकारी बुरहानुद्दीन ने कहा कि वेतनमान में देरी किया जाना अनुचित था। उन्होंने कहा, 'सरकार ने नौवें वेतनमान के लिए सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं, लेकिन गैजेट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। यह हमारी लंबे समय से चली आ रही मांग है। हमें पता चला है कि एक राजनीतिक दल की आपत्तियों के कारण राजपत्र में देरी हो रही है।'
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एक और प्रदर्शन जारी
विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि नौवें वेतनमान का गैजेट आज के आज जारी नहीं किया गया तो वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे और घर नहीं लौटेंगे। इसी बीच, मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक आवास जमुना के पास एक और धरना प्रदर्शन पहले से ही चल रहा था, जिसमें इंकलाब मोनचो नामक मंच गुरुवार दोपहर से ही शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या की संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा था।
सरकारी कर्मचारियों ने कहा कि वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट पहले ही प्रस्तुत कर चुका है और नए वेतनमान को गैजेट नोटिफिकेशन के माध्यम से तुरंत लागू किया जा सकता है। उन्होंने यह चिंता भी व्यक्त की कि निर्वाचित सरकार के सत्ता में आने के बाद कार्यान्वयन में और देरी हो सकती है। मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि, स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
