बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए अब बस कुछ ही दिन बचे हैं लेकिन माहौल शांत होने के बजाय और हिंसक होता जा रहा है। 28 जनवरी (बुधवार) दोपहर शेरपुर जिले के झेनाइगाती में चुनाव से जुड़ी एक सभा के दौरान ऐसी हिंसा भड़की कि जमात-ए-इस्लामी के एक बड़े नेता को अपनी जान गंवानी पड़ी। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा बवाल किसी बड़े राजनीतिक मुद्दे पर नहीं बल्कि कार्यक्रम में आगे की लाइन में बैठने को लेकर शुरू हुआ था।
इस हिंसक झड़प में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान 42 वर्षीय मौलाना मोहम्मद रेजाउल करीम के रूप में हुई है, जो जमात-ए-इस्लामी की श्रीबोर्डी इकाई के सचिव थे। कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले BNP और जमात के कार्यकर्ताओं के बीच आगे बैठने की होड़ मच गई और देखते ही देखते स्टेडियम में मौजूद लोगों के बीच मारपीट शुरू हो गई।
यह भी पढ़ें: कोलंबिया में भयानक विमान हादसा, सांसद समेत 15 लोगों की मौत
क्या हुआ था?
चश्मदीदों के मुताबिक, दोपहर करीब 3 बजे झेनाइगाती मिनी स्टेडियम में प्रशासन ने एक सर्वदलीय कार्यक्रम रखा था ताकि उम्मीदवार अपना घोषणापत्र जनता को सुना सकें। इसके पहले की प्रोग्राम शुरू होता, दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच आगे बैठने को लेकर मारपीट होने लगी।
इस मारपीट में कम से कम 65 लोग घायल हुए हैं। जमात के उम्मीदवार नुरुज्जमान बादल का दावा है कि उनके करीब 50 कार्यकर्ता जख्मी हुए हैं। रेजाउल करीम को गंभीर हालत में मैमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था, जहां रात करीब पौने दस बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके साथ घायल हुए दो अन्य नेताओं की हालत भी नाजुक बताई जा रही है, जिनमें से एक को बेहतर इलाज के लिए ढाका भेजा गया है।
प्रशासन की कार्रवाई
जिस समय यह हंगामा हुआ, वहां स्थानीय प्रशासन के बड़े अधिकारी (UNO) और सहायक निर्वाचन अधिकारी भी मौजूद थे। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है और पुलिस स्थिति को संभालने में जुटी है। वहीं, अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की इस हरकत पर कड़ी कार्रवाई करते हुए BNP ने अपनी शेरपुर जिला इकाई की 41 सदस्यीय समिति को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
