अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने औपचारिक रूप से बोर्ड ऑफ पीस चार्टर को लॉन्च कर दिया है। इस दौरान उनके साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री समेत अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। यह मंच ट्रंप ने गाजा युद्ध और अन्य अंतर्राष्ट्रीय विवादों को सुलझाने के लिए किया है। इस बोर्ड में अन्य देशों के तमाम राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष नेता शामिल हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि आज दुनिया एक साल पहले के मुकाबले ज़्यादा अमीर, सुरक्षित और बहुत ज़्यादा शांतिपूर्ण है। एक बार फिर से भारत पाकिस्तान युद्ध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'हमने वे सारी आग बुझा दीं... हम भारत और पाकिस्तान, दो न्यूक्लियर देशों के बीच शुरू हुई जंग को रोककर बहुत खुश थे। मुझे बहुत सम्मान महसूस हुआ जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ बुरा होने से ठीक पहले इसे रोककर 10 और शायद 20 मिलियन लोगों की जान बचाई।'
वेनेजुएला पर क्या बोले ट्रंप?
वेनेजुएला को लेकर ट्रंप ने कहा, 'हमने गैर-कानूनी तानाशाह निकोलस मादुरो को पकड़ लिया है, और वेनेजुएला के लोग इससे बहुत खुश हैं। वेनेजुएला के नए नेताओं के साथ हमारे बहुत अच्छे रिश्ते हैं। हम देश को बड़ी तेल कंपनियों के लिए खोल रहे हैं, और यह बहुत अच्छा चल रहा है। हमने पहले ही 50 मिलियन बैरल तेल निकाल लिया है, और इसका बहुत सारा हिस्सा वेनेजुएला वापस जाएगा। वे हमारे साथ कम समय में उतनी इनकम करेंगे जितनी उन्होंने सालों में नहीं की थी।'
बोर्ड ऑफ पीस में शामिल प्रमुख नेता
- अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली
- इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो
- पैराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना
- उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्ज़ियोयेव
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
- आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान
- अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव
कहा- सुलझाए आठ युद्ध
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि राष्ट्रपति बनने के बाद से उन्होंने 8 युद्ध सुलझाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन के साथ बहुत जल्द समझौता हो सकता है। यही नहीं उन्होंने ईरान का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने ईरान की परमाणु क्षमता को खत्म कर दिया है।
यूएन के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने कहा, 'जब बोर्ड पूरी तरह से बन जाएगा तो हम लगभग कुछ भी कर सकते हैं। हम यूनाइटेड नेशंस के साथ मिलकर काम करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि यूएन में बहुत ज्यादा पोटेंशियल है जिसका पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसमें शामिल होने के लिए करीब 60 देशों को न्योता भेजा गया है, जिसकी कुछ देशों ने पुष्टि कर दी है और कुछ ने अभी इस पर हामी नहीं भरी है।
भारत की क्या स्थिति
अमेरिका के बोर्ड ऑफ पीस में तमाम देश शामिल हो चुके हैं लेकिन भारत ने अभी इस पर चुप्पी साध रखी है। भारत ने अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसमें इजरायल भी शामिल हुआ है, लेकिन फ्रांस और नॉर्वे जैसे यूरोपीय देशों ने इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है।
