इजरायली सुरक्षा बलों ने गाजा के शाती रिफ्यूजी कैंप में एक बड़ी स्ट्राइक की है। इस हमले में हमास का सेल कमांडर मुहम्मद इसाम हसन अल-हबिल मारा गया। इस खबर की पुष्टि इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने खुद अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की है। इजरायली खुफिया एजेंसी (ISA) की पूछताछ में यह खुलासा हुआ था कि हबिल ही वह शख्स था जिसने इजरायली सैनिक कॉर्पोरल नोआ मार्सियानो की बेरहमी से हत्या की थी, जब वह हमास की कैद में थीं।
यह कार्रवाई तब की गई जब हमास की ओर से युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी की गई, जिसमें इजरायल का एक रिजर्व कंपनी कमांडर घायल हो गया। इसके जवाब में IDF और शिन बेट (ISA) ने हबिल को निशाना बनाया। नोआ मार्सियानो को 7 अक्टूबर के हमले के दौरान नाहल ओज आउटपोस्ट से अगवा किया गया था और बाद में गाजा में उनकी हत्या कर दी गई थी।
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पूरी घटना
जांच में सामने आया है कि नोआ को किडनैप करने के बाद गाजा के शिफा अस्पताल के पास एक सुरक्षित अपार्टमेंट में रखा गया था। उस दौरान हुए एक इजरायली हमले में नोआ मामूली रूप से घायल हुई थीं लेकिन बाद में उन्हें शिफा अस्पताल के अंदर ले जाया गया। वहां मुहम्मद हबिल ने उनकी हत्या कर दी थी। नवंबर 2023 में इजरायली सैनिकों ने शिफा अस्पताल के पास से ही नोआ का शव बरामद किया था।
हबिल अकेला ऐसा आतंकवादी नहीं था जो नोआ की मौत का जिम्मेदार था। पिछले कुछ महीनों में इजरायली सेना ने नोआ को बंधक बनाकर रखने वाले अन्य आतंकियों, अब्दुल्ला अबू रयाला और नईम घुल को भी ढेर कर दिया है। हबिल शाती इलाके में हमास की टुकड़ी को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहा था, जिसे अब सेना ने नाकाम कर दिया है।
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इजरायली डिफेंस की ओर से जारी एक पोस्ट में लिखा गया है, 'यह खबर मार्सियानो परिवार के लिए एक तरह से राहत और 'क्लोजर' लेकर आई है।'
