ब्रिटिश एयरवेज की एक फ्लाइट में एक अजीब घटना घटी, जब एक महिला की मौत के बाद यात्रियों को 13 घंटे तक लाश के साथ सफर करना पड़ा। यह फ्लाइट हांगकांग से लंदन जा रही थी। उड़ान भरने के सिर्फ एक घंटे बाद ही एक 60 साल की महिला की अचानक मौत हो गई। महिला अपने परिवार के साथ यात्रा कर रही थी। पायलट ने विमान को रास्ते में कहीं और उतारने के बजाय सीधे लंदन ले जाने का फैसला किया, जिससे विमान में मौजूद 300 यात्रियों को मजबूरी में उस बॉडी के साथ ही पूरा सफर तय करना पड़ा।

 

नियमों के मुताबिक, अगर किसी यात्री की मौत हो जाती है, तो उसे 'मेडिकल इमरजेंसी' नहीं माना जाता क्योंकि अब उसे डॉक्टर की जरूरत नहीं होती। पायलटों को लगा कि अगर वे किसी और देश में विमान उतारेंगे, तो पुलिस और कागजी कार्रवाई में बहुत वक्त बर्बाद होगा और बाकी यात्री परेशान होंगे। इसलिए उन्होंने विमान को सीधा लंदन ले जाना ही ठीक समझा।

 

यह भी पढ़ें: 70 सेकंड में 16 करोड़ की लूट, अमेरिका में भारतीय मूल के ज्वैलर्स को बनाया निशाना

शव को रखने की जगह

जब महिला की मौत हुई, तो क्रू के सामने सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि शव को कहां रखा जाए। पहले सोचा गया कि उसे टॉयलेय में रख दें लेकिन फिर बाद में शव को विमान के पिछले हिस्से में उस जगह रखा गया जहां खाना-पीना रखा जाता है (जिसे गैली कहते हैं)। शव को अच्छी तरह से लपेटकर वहां शिफ्ट कर दिया गया। 

 

सफर के दौरान एक बड़ी दिक्कत तब आई जब उस जगह की फर्श गरम होने लगी। क्रू ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया। गर्मी की वजह से कुछ घंटों बाद शव से बदबू आने लगी, जिससे पीछे बैठे यात्रियों को बहुत परेशानी हुई और पूरे विमान में अजीब सा माहौल बन गया।

लंदन पहुंचने के बाद क्या हुआ?

जैसे ही विमान लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर उतरा, पुलिस तुरंत अंदर आ गई। सभी यात्रियों को करीब 45 मिनट तक अपनी सीट पर ही बैठने को कहा गया ताकि पुलिस अपनी जांच पूरी कर सके। इसके बाद ही शव को बाहर निकाला गया और यात्रियों को जाने दिया गया। 

 

यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में जंग, CBSE ने कहां टाल दी परीक्षा? समझ लीजिए

एयरलाइन का जवाब

ब्रिटिश एयरवेज ने इस घटना पर दुख जताया है और कहा कि उनके स्टाफ ने नियमों के हिसाब से ही काम किया। इस घटना के बाद विमान के कुछ क्रू मेंबर्स इतने सदमें में थे कि उन्होंने कुछ दिनों की छुट्टी ले ली है।