अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान 'संकट की स्थिति' में है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि तेहरान ने व्हाइट हाउस से होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द खोलने की अपील की है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ईरान ने हमें अभी-अभी सूचित किया है कि वे ‘संकट की स्थिति’ में हैं। 

 

वे चाहते हैं कि हम होर्मुज जलडमरूमध्य को जितनी जल्दी हो सके खोल दें, क्योंकि वे अपनी नेतृत्व व्यवस्था को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं। 'ट्रंप ने यह नहीं बताया कि ईरान ने यह संदेश उन्हें कैसे भेजा। उन्होंने दोहराया कि तेहरान में नेतृत्व का संकट चल रहा है।

 

यह भी पढ़ें: अमेरिका ने ईरान को दिया ऑफर, कहा- बात करना चाहता है तो संपर्क कर सकता है

ईरान ने किया था बंद

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का बहुत महत्वपूर्ण जलमार्ग है। यहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस गुजरता है। फरवरी में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले शुरू होने के बाद ईरान ने अपनी नौसेना और 6,000 माइनों के जरिए इस जलडमरूमध्य को बंद कर दिया।

 

अमेरिका ने भी ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों पर ब्लॉकेड लगा दिया है। दोनों तरफ की इस दोहरी ब्लॉकेड की वजह से लगभग 2,000 जहाज इस इलाके में फंसे हुए हैं। ट्रंप पिछले दो महीनों से कई बार होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की बात कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। 

 

ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका अपना ब्लॉकेड हटा ले तो वे अंतरिम समझौते के तहत जलडमरूमध्य खोलने को तैयार हैं। लेकिन दोनों देश अभी तक इस पर सहमत नहीं हो पाए हैं।

खाड़ी देशों की बैठक

मंगलवार को खाड़ी देशों के नेता सऊदी अरब में मिले। यह फरवरी में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद उनकी पहली ऐसी बैठक थी। बैठक का मकसद ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब तैयार करना था। 8 अप्रैल को युद्धविराम (सीजफायर) होने के बाद हमले कम हो गए हैं लेकिन खाड़ी देश अभी भी सतर्क हैं और डरते हैं कि लड़ाई दोबारा शुरू न हो जाए।

 

यह भी पढ़ें: 'बहुत कुछ ऑफर हुआ लेकिन मैंने रिजेक्ट कर दिया', ईरान संग बातचीत पर बोले ट्रंप

अभी क्या स्थिति है?

इस वक्त होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी समुद्री यातायात के लिए बंद है, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर ब्लॉकेड लगाने का आरोप लगा रहे हैं और बातचीत जारी है लेकिन कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है।

 

विश्व बाजार में तेल की कीमतों पर इस स्थिति का असर पड़ रहा है। दुनिया इस बात पर नजर रखे हुए है कि कब यह महत्वपूर्ण जलमार्ग फिर से खुलता है।