तेहरान में भारतीय दूतावास ने ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है जिसमें उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दूतावास ने आग्रह किया है कि कोई भी भारतीय नागरिक दूतावास से संपर्क किए बिना ईरान छोड़ने के लिए देश की किसी भी जमीनी सीमा पर यात्रा न करे। दूतावास ने साफ किया कि मौजूदा हालात को देखते हुए कोई भी यात्रा या बॉर्डर पार करने से पहले दूतावास से कोऑर्डिनेट करना जरूरी है। बिना पहले से इजाजत या पहले से जानकारी के बॉर्डर पार करने की कोशिश करने वाले यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
दूतावास ने अपने बयान में कहा है कि यदि कोई भारतीय नागरिक ईरान से बाहर जाने की योजना बना रहा है तो उसे पहले दूतावास से संपर्क कर जरूरी दिशा-निर्देश लेने चाहिए। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना समन्वय के सीमा पार करने की कोशिश जोखिम भरी हो सकती है।
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साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति ईरान से निकलने के बाद किसी तीसरे देश में प्रवेश नहीं कर पाता है तो ऐसी स्थिति में दूतावास उसकी सहायता करने की स्थिति में नहीं होगा। इसलिए भारतीयों से अपील की गई है कि वे जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं और आधिकारिक सलाह का पालन करें।
दूतावास ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
दूतावास ने कहा है कि वह ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की मदद के लिए लगातार सक्रिय है। किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक दूतावास की हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए +98-9128109115, +98-9128109102, +98-9128109109 और +98-9932179359 नंबर जारी किए गए हैं। इसके अलावा नागरिक cons.tehran@mea.gov.in ईमेल के जरिए भी कांसुलर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। दूतावास ने लोगों से कहा है कि वे नियमित रूप से दूतावास के संपर्क में रहें और अपनी स्थिति की जानकारी साझा करते रहें।
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भारत ने की शांति की वकालत
इस बीच भारत ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई है। एस. जयशंकर ने संसद में कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे बेहतर रास्ता है। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और इससे जुड़े सभी मंत्रालय मिलकर जरूरी कदम उठा रहे हैं। हाल ही में कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में भी क्षेत्रीय हालात और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा की गई।
जयशंकर ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव भारत के लिए चिंता की बात है, क्योंकि इस इ11लाके में एक करोड़ से ज्यादा भारतीय रहते और काम करते हैं। यह इलाका भारत की एनर्जी सिक्योरिटी के लिए भी बहुत जरूरी है। जो देश को तेल और गैस की अच्छी-खासी सप्लाई देता है।
