जब से एपस्टीन फाइल्स की आखिरी किस्त जारी हुई तब से दुनिया के तमाम देशों में खलबली मची हुई है। भारत की संसद में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी इससे जुड़े सवाल उठाते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरा था। अब पश्चिम के देशों में एपस्टीन फाइल्स से जुड़े आरोपों में छापेमारी हो रही है, जांच के आदेश दिए जा रहे हैं और एक मामले में इस्तीफा भी हो चुका है। उधर एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह तो जेफरी एपस्टीन को जानते तक नहीं थे।
एलन मस्क, डोनाल्ड ट्रंप, प्रिंस एंड्रयू, अनिल अंबानी, हरदीप पुरी समेत तमाम शख्सियतों के नाम आए हैं। कई लोगों के नाम का जिक्र आम बातचीत या किसी मीटिंग के संबंध में है। कई लोगों की बातचीत में यह साफ पता चल रहा है कि सेक्स अपराधों के लिए लड़कियों की खरीद-फरोख्त की बातचीत हो रही है। ऐसे में कई देशों में अब इससे जुड़े मामलों में जांच भी हो रही है।
हयात वाले प्रित्जकर का इस्तीफा
सबसे ज्यादा चर्चा में आ गए हैं थॉमस प्रित्जकर। वही प्रित्जकर जो हयात होटल ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन थे। एप्सटीन फाइल्स में नाम आने के बाद 75 साल के प्रित्जकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रित्जकर का कहना है कि वह नहीं चाहते कि इन आरोपों के चलते कंपनी की छवि को नुकसान हो। प्रित्जकर ने माना है कि वह जेफरी एपस्टीन और गिजलेन मैक्सवेल के संपर्क में थे और उन्हें इसका अफसोस है कि उन्होंने दोनों से दूरी नहीं बनाई।
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दरअसल, एपस्टीन फाइल्स में खुलासा हुआ है कि जेफरी एपस्टीन के दोषी पाए जाने के बावजूद प्रित्जकर उसके संपर्क में थे। साल 2018 की एक ईमेल बताती है कि एपस्टीन ने प्रित्जकर से कहा था कि वह एशिया में एक महिला के लिए होटल बुक कर दें। एपस्टीन ने इस महिला को अपनी प्रेमिका बताया था। ईमेल के मुताबिक, इस महिला ने प्रित्जकर से कहा था कि वह जेफरी एपस्टीन के लिए नई गर्लफ्रेंड ढूंढने जा रही है।
फ्रांस में छापेमारी
हाल ही में फ्रांस के पूर्व मंत्री जैक लैंग का नाम एपस्टीन फाइल्स में आया था। इसी केस के सिलसिले में फ्रांस की पुलिस ने सोमवार को पेरिस में स्थित अरब वर्ल्ड इंस्टिट्यूट पर छापा मारा है। दरअसल, जैक लैंग इसके मुखिया हुआ करते थे। फ्रांस के नेशनल फाइनैंशियल प्रोसेक्यूटर ने कहा है कि अरब वर्ल्ड इंस्टिट्यूट के अलावा भी कई जगहों पर छापेमारी की गई है।
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इसी महीने जैक लैंग उनकी बेटी कैरोलिन के खिलाफ फ्रांस में जांच शुरू की गई है। आरोप है कि इन दोनों टैक्स फ्रॉड किया है। बता दें कि जैक लैंग साल 2013 से अरब वर्ल्ड इंस्टिट्यूट के मुखिया थे लेकिन उन्होंने इसी महीने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। एपस्टीन फाइल्स में जिक्र है कि जैक लैंग साल 2012 से 2019 तक जेफरी एपस्टीन से संपर्क में थे लेकिन जैक लैंग का कहना है कि वह एपस्टीन के अपराधों के बारे में नहीं जानते थे।
न्यू मेक्सिको में जांच के लिए बना कानून
न्यू मेक्सिको में सोमवार को एक कानून पास किया गया है ताकि इस मामले में पूरी जांच की जा सके और यह पता लगाया जाएगा कि जोरो रैंच (Zorro Ranch) में आखिर क्या-क्या हुआ था। जोरो रैंच वही जगह है जहां से जेफरी एपस्टीन लड़कियों और महिलाओं की तस्करी किया करता था और उनका यौन उत्पीड़न करता था। इस इलाके के स्थानीय लोगों से भी बातचीत की गई है और उनसे कहा गया है कि अगर वे इस बारे में कुछ भी जानते हैं तो जरूर बताएं।
न्यू-मेक्सिको में जो कमेटी बनाई गई है उसके सदस्य इस बात की जांच करेंगे कि कौन-कौन से लोग इस जगह पर आते-जाते थे। इसमें यह भी देखा जाएगा कि इसमें कितने सरकारी अधिकारी शामिल थे। डेमोक्रैटिक पार्टी की अगुवाई में होने वाली यह जांच डोनाल्ड ट्रंप के लिए चिंता बढ़ाने वाली है।
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बता दें कि एपस्टीन फाइल्स में डेमोक्रैटिक पार्टी से जुड़े रहे दो गवर्नर और न्यू मेक्सिको के पूर्व अटॉर्नी जनरल का नाम भी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस जांच से कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। इस जांच का मकसद ऐसे लूपहोल्स खोजना है जिनके चलते एपस्टीन आसानी से इस राज्य में अपने कारनामे करता रहा और उसे लंबे समय तक पकड़ा नहीं जा सका।
बता दें कि जेफरी एपस्टीन को दोषी करार दिया गया था और वह न्यूयॉर्क की जेल में बंद था। हालांकि, साल 2019 में संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। आरोप लगते हैं कि कई हाई प्रोफाइल लोगों से नाम जुड़ा होने के चलते यह संभव है कि जेफरी एपस्टीन की हत्या करवा दी गई हो।
