अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में अबकर हजारों लोगों की जानें जा चुकी हैं। प्रभावित देशों को अरबों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। इस बीच भारत ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की मांग की है। मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज पर ईरान का कब्ज है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से लगभग 50 देश सीधे प्रभावित हैं।
इन दोशों में एलपीजी गैस की सीधे किल्लत है तो वहीं क्रूड ऑयल महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। ऐसे में मिडिल ईस्ट की स्थिति पर ब्रिटेन ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में 60 देश भाग ले रहे हैं। भारत भी मीटिंग में हिस्सा लेगा। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए सुरक्षित और फ्री आवाजाही को पक्का करने की अहमियत पर भी जोर दिया है।
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विक्रम मिस्री ने मीटिंग में लिया हिस्सा
भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसमें हिस्सा लिया। इस मीटिंग में उन्होंने भारत के आधिकारिक रुख को दोहराते हुए कहा कि चल रहे संघर्ष को कम करने के लिए कुटनीति ही सबसे सही रास्ता है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'विक्रम मिस्री ने भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पर संकट के असर और इस बात पर जोर दिया कि भारत अकेला ऐसा देश है जिसने खाड़ी में मर्चेंट शिपिंग पर हमलों में अपने नाविकों को खोया है।'
विक्रम मिस्री ने क्या कहा?
मौजूदा संकट के सीधे असर पर जोर देते हुए विदेश सचिव ने भारत की एनर्जी सुरक्षा की ओर दुनिया का ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि इस इलाके में चल रहे उतार-चढ़ाव से भारत पर असर हुआ है। यह असर खासतौर से समुद्री सुरक्षा के मामले को लेकर हुआ है। विक्रम मिस्री ने कहा कि मौजूदा संकट से निकलने का रास्ता, तनाव कम करना और सभी संबंधित पक्षों के बीच कुटनीतिक और बातचीत के रास्ते पर लौटना होगा।
भारत सरकार ने बताया है कि अब तक होर्मुज स्ट्रेट में फंसे विदेशी झंडे वाले जहाजों पर सवार कम से कम तीन भारतीय नाविक मारे गए हैं और एक घायल हो गया है।
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भारत होर्मुज बातचीत में शामिल हुआ
भारत ब्रेटेन के साथ 60 से अधिक देशों की मीटिंग में शामिल हुआ। इस मीटिंग का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के तरीकों को खोजना और इसका हल निकालना है। यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है जब फारस की खाड़ी के आसपास के देशों में अस्थिरता बढ़ती जा रही है।
एक आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, खाड़ी के देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन देशों में सभी भारतीय सुरक्षित हैं। मंत्रालय ने कहा कि इन सभी देशों में हमारी एम्बेसी लगातार अपने लोगों के संपर्क में है। दरअसल, अब तक इस जंग में आठ भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है।
इसी बीच ईरान ने दावा किया है कि वह ओमान के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट की निगरानी के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है। ईरान के राजनयिक काजिम घारीबबादी ने कहा कि इस प्रस्ताव का मकसद इस मार्ग को जहाजों के आवागमन के लिए सुरक्षित और सुगम बनाना तथा बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
