• WHITE HOUSE
03 Apr 2026, (अपडेटेड 03 Apr 2026, 7:24 AM IST)
अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार दावा कर रहे हैं कि वह ईरान की सैन्य क्षमताओं को नुकसान पहुंचा चुके हैं, उनकी ताकत खत्म हो गई है। क्या ऐसा है, आइए समझते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। Photo Credit: PTI
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे हैं कि ईरान की मिसाइल और सैन्य क्षमताएं अब खत्म होने की कगार पर हैं। उनके दावों को उन्हीं की खुफिया एजेंसियां झुठला रहीं हैं। अमेरिकी इंटेलिजेंस का कहना है कि ईरान के पास अभी मिसाइल क्षमता, मजबूत स्थिति में है, ईरान के खिलाफ जंग, आसान नहीं होने वाली है। ईरान के मिसाइलों की रेंज और तबाही की क्षमता, खाड़ी के देश देख चुके हैं। जिन-जिन जगहों पर अमेरिकी एयरबेस थे, वहां ईरान ने करारी चोट पहुंचाने की कोशिश की है।
पिछले पांच हफ्तों से अमेरिका और इजरायल, मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों पर हर दिन हमले कर रहे हैं। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट का दावा है कि ईरान के कुल मिसाइल लॉन्चरों में से करीब आधे अभी भी काम करने लायक हैं। ईरान के पास अभी ड्रोन अटैक की क्षमता है। ईरान, एक साथ हजारों ड्रोन छोड़ता है, जिसके बाद एयर डिफेंस सिस्टम की कार्यशैली बेदम हो जाती है।
CNN की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान अभी भी पूरे इलाके में बड़ा हमला करने की स्थिति में है। कुछ लॉन्चर तो जमीन के नीचे दब गए हैं या सुरंगों में छिपे हैं, इसलिए वे तबाह नहीं हुए हैं। ईरान उन्हें ढूंढ सकता है और फिर से लॉन्च कर सकता है। ईरान के पास आज भी बड़ी संख्या में मिसाइलें हैं।
ज्यादातर क्रूज मिसाइल सिस्टम सुरक्षित हैं
ईरान के तटीय इलाकों में लगाए गए क्रूज मिसाइल सिस्टम भी ज्यादातर सुरक्षित हैं। जिस होर्मुज स्ट्रेट को डोनाल्ड ट्रंप, ट्रंप हार्मुज बता रहे हैं, वहां आज भी ईरान का ही नियंत्रण है। तटीय इलाकों में लगे मिसाइल लॉन्चर, उन्हें आसानी से निशाना बनाने में सक्षम हैं।
इजरायल और अमेरिका के हमले में तेहरान तबाह हो रहा है। Photo Credit: PTI
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता बहुत कम हो गई है, ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के ज्यादातर लॉन्चर नष्ट हो चुके हैं। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट इस दावे से अलग तस्वीर दिखा रही है।
न नौसेना खत्म हुई, न ही हथियार बनाने वाले कारखाने
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ईरान के हमलों में 90 प्रतिशत की कमी आई है। रक्षा मंत्री पेट हेगसेथ ने कहा कि ईरान अब बहुत कम मिसाइलें और ड्रोन छोड़ पा रहा है। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है, उसके हथियार बनाने वाले कारखानों को भारी नुकसान पहुंचा है। अमेरिका-इजरायल के पास हवा में पूरा नियंत्रण है, ईरान बेदम पड़ रहा है। हकीकत में ऐसी स्थिति नहीं है। ईरान का दबदबा, जमीन पर नजर आ रहा है।
ईरान दशकों से सैन्य क्षमताओं पर कर रहा है काम
अमेरिका बार-बार ईरान को चेतावनी दे रहा है कि अगर यहां के शीर्ष नेतृत्व ने परमाणु हथियार बनाने का सपना नहीं छोड़ा तो और तेज हमले होंगे। CNN की रिपोर्ट बताती है कि ईरान ने वर्षों से अपनी सैन्य क्षमताओं पर ही काम किया था। ईरान अपने मिसाइल लॉन्चर को सुरंगों और गुफाओं में छिपाकर रखा है।
ईरान के पास मोबाइल लॉन्चर हैं, जो आसानी से जगह बदल लेते हैं। इसलिए उन्हें पूरी तरह नष्ट करना आसान नहीं है। इजरायल का आकलन थोड़ा अलग है। उनका कहना है कि ईरान के सिर्फ 20-25 प्रतिशत लॉन्चर ही काम कर रहे हैं, क्योंकि वे दबे या छिपे हुए लॉन्चरों को गिनते नहीं हैं।
अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों को तबाह किया है। Photo Credit: PTI
ईरान अब रणनीतिक हमले कर रहा है
इजरायल, खाड़ी देशों और अमेरिकी सैनिकों पर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले नहीं थम रहे हैं। ईरान, संभल कर हमले कर रहा है। ईरान की नौसेना को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन उसके रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की छोटी नावें कहर बरपा रहीं हैं।
होर्मुज पर नियंत्रण ट्रंप के लिए दूर की कौड़ी है
ईरान के पास कई ड्रोन ऑपरेटड और स्वचलित जहाजें हैं, जिन्हें रिमोट से ऑपरेट किया जा सकता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अगर अमेरिका या कोई देश, ईरान की मर्जी के बिना घुसने की कोशिश करता है तो ईरान उन्हें तबाह कर सकता है।
होर्मुज का पूरा नियंत्रण अभी ईरान के पास है। Photo Credit: PTI
डोनाल्ड ट्रपं का दावा है कि यह सैन्य ऑपरेशन दो-तीन हफ्तों में खत्म हो जाएगा, लेकिन खुफिया रिपोर्ट बताती है कि इतनी जल्दी पूरा करना मुश्किल है। ईरान के पास अभी भी काफी हथियार बचे हैं, जिनके होते, न बेंजामिन नेतन्याहू न ही डोनाल्ड ट्रंप, जीत का एलान कर सकते हैं। जब-जब अमेरिका और इजरायल को लगता है कि जंग जीत गए हैं, ईरान ऐसा जख्म देता है कि युद्ध और भड़क जाता है।