अमेरिका की एक कोर्ट ने एक भारतीन नागरिक को 30 साल की जेल की सजा सुनाई है। इस संबंध में डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने एक आधिकारिक बयान भी जारी किया है। जिस व्यक्ति को जेल की सजा सुनाई गई है वह एक बिजनेसमैन था। उस पर आरोप है कि वह जहाज के  पुर्जे अवैध तरीके से रूस भेजने की कोशिश कर रहा था। 

 

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह मुनाफा कमाने की एक सोची-समझी साजिश थी, जिसमें रूस की प्रतिबंधित कंपनियों समेत अन्य लोगों से मिलकर अमेरिकी सुरक्षा और विदेश नीति को कमजोर करने की कोशिश की गई। 

 

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पूरा मामला समझिए

दिल्ली के रहने वाले संजय कौशिक पर आरोप है कि उसने सितंबर 2023 में रूसी कंपनियों के साथ मिलकर अमेरिका से एयरोस्पेस यानी जहाज में काम आने वाले पुर्जों को गैर कानूनी रूप से रूस भेजने की साजिश रची थी। संजय कौशिश और उनके साथियों पर आरोप है कि उन्होंने ओरेगन में स्थित एक कंपनी से एटीट्यूड एंड हेडिंग रेफरेंस सिस्टम (एएचआरएस) खरीदा, जो जहाजों के लिए नेविगेशन और उड़ाने के दौरान कंट्रोल का डेटा देने वाला उपकरण है। 

 

अधिकारियों के अनुसार, संजय को अक्टूबर 2024 में मियामी से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से वह पुलिस हिरासत में था। बताया जा रहा है कि इसके बाद संजय ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। उसके जुर्म कबूल कर लेने के बाद अब कोर्ट ने उसे दोषी माना है और सजा सुनाई है। 

भारत भेजने की कही थी बात 

रिपोर्ट्स के अनुसार, संजय कौशिक ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर अमेरिका से एएचआरएस खरीदा था। इसके लिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सितंबर 2023 में प्रयास शुरू किए थे। इसके कुछ समय बाद उसने अमेरिका के एक स्पलायर से एएचआरएस खरीद लिए। संजय कौशिक ने बताया था कि यह खरीद उसकी भारतीय कंपनी के लिए की जा रही है लेकिन असल में उनका मकसद अवैध तरीके से रूप में स्पलाई करना था। हालांकि, अमेरिकी एजेंसियों ने इसे रूस भेजने से पहले ही बरामद कर लिया था। 

 

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जेल के बाद निगरानी में रहना होगा

अमेरिकी कोर्ट ने 15 जनवरी 2026 को संजय कौशिक को सजा सुनाई। कोर्ट ने उसे 30 महीने कारावास यानी जेल की सजा सुनाई है। इसके अलावा जब संजय जेल से बाहर आएगा तो उसे तीन साल तक निगरानी में रहना होगा। सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन आइजनबर्ग ने कहा कि जो लोग साजिश रचकर अमेरिका के निर्यात कानूनों को तोड़ने की कोशइश करते हैं उन पर पूरी सख्ती से मुकदमा चलाया जाएगा।