होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान और अमेरिका आमने सामने हैं। अमेरिकी दावों के बीच ईरान होर्मुज पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए यहां आने वाले जहाजों को लगातार निशाना बना रहा है। इसी बीच ईरान की नेवी ने पनामा के झंडे वाले एक कंटेनर कार्गो जहाज पर गोलीबारी की थी। इस जहाज में 21 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। हालांकि, हमले के बाद भी इसपर सवार सभी भारतीय सुरक्षित हैं और उन्हें किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। यह जानकारी खुद भारत के शिपिंग मंत्रालय ने दी है।

 

पनामा के झंडे वाले कंटेनर कार्गो का नाम यूफोरिया है। यूफोरिया उन तीन जहाजों में से एक है, जिनपर बुधवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हमला किया था। यह हमला तब हुआ जब ईरान ने होर्मुज पर अमेरिकी रोक का विरोध कर रही है। ईरान होर्मुज पर अपना कंट्रोल बनाए रखना चाहता है। ईरान ने जिन पनामा के जहाज के अलावा जिन जहाजों के ऊपर हमला किया है, उनमें लाइबेरिया का जहाज शामिल है। यह जहाज भारत के मुंद्रा पोर्ट की ओर आ रहा था।

 

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21 भारतीय नाविक सवार थे- मंत्रालय

शिपिंग मंत्रालय के अपर सचिव मुकेश मंगल ने जानकारी देते हुए कहा, 'यूफोरिया नाम के जहाज पर 21 भारतीय नाविक सवार थे और वे सभी सुरक्षित हैं।' उन्होंने आगे कहा कि विदेशी झंडे वाले जहाजों पर हुई फायरिंग में कोई भी भारतीय नाविक घायल नहीं हुआ है।

ईरानी ने क्या कहा?

वहीं, ईरानी मीडिया ने हवाले से कहा गया है कि फ्रांसेस्का जहाज को बंदर अब्बास पोर्ट पर एपामिनोंडास के साथ हिरासत में लिया गया है, उसमें कोई भारतीय क्रू मेंबर नहीं था। ईरानी मीडिया ने बताया था कि हमले के बाद यूफोरिया ईरानी तट पर फंसा हुआ था।

 

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शिपिंग मंत्रालय का बयान

इस बीच, शिपिंग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गिलब्राल्टर के झंडे वाला बल्क कैरियर फ्रोसो K, 55,000 मीट्रिक टन सल्फर लेकर बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा और अब भारत के पारादीप पोर्ट के लिए रवाना हो रहा है। फ्रोसो K को फारस की खाड़ी से निकालने के लिए भारत सरकार कड़ी नजर रख रही है। इसके अलावा देश गरिमा नाम का जहाज क्रूड ऑयल टैंकर लेकर 18 अप्रैल को होर्मुज से रवाना हुआ था, जो बुधवार को मुंबई पहुंच गया।