ईरान में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी अब भी सरकार के खिलाफ सड़कों पर डटे हैं। हिंसक प्रदर्शन के 13वें दिन ईरान के जाहेदान शहर में कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है। अभी तक की जानकारी में सामने आ रहा है कि यहां बलूच लोगों को निशाना बनाया गया है। व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद ईरान की सरकार ने देशभर में इंटरनेट और फोन सेवा ठप कर दी है। इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश की जनता से एकजुट होने की अपील की।

 

ईरान की सरकारी टीवी पर अली खामेनेई का भाषण प्रसारित किया गया है। इसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी और डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को दंगाई कहा और देश के दुश्मन के तौर पर काम करने का भी आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शन को अमेरिकी साजिश बताया। अली खामेनई ने कहा कि विदेशी दुश्मनों ने यह साजिश रही है। मगर अधिकारी अशांति को कुचलने की खातिर कड़ी कार्रवाई करेंगे।

 

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ट्रंप को खुश करने में लगे लोग: खामेनेई

अली खामेनेई ने आगे कहा, 'कल रात तेहरान और कुछ दूसरी जगहों पर दंगाइयों ने अपने ही देश की एक बिल्डिंग को तोड़ दिया। सिर्फ अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए, क्योंकि उसने कुछ बकवास बातें कही थीं कि अगर ईरानी सरकार ऐसा कुछ करती है तो मैं आऊंगा और तुम्हारा साथ दूंगाआंदोलनकारियों का साथ दूंगा, ये लोग उससे भी खुश हैं।'

 

उन्होंने आगे कहा, 'दंगाई सार्वजनिक संपत्ति पर हमला कर रहे हैं। ईरान विदेशियों के लिए भाड़े के सैनिकों की तरह काम करने वाले लोगों को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप के हाथ खून से सने हैं। यह भी कहा कि ट्रंप अपने देश की समस्याओं को सुलझाने पर ध्यान दें।'

 

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28 दिसंबर से ईरान में विरोध प्रदर्शन

पिछले साल 28 दिसंबर से ईरान सुलग रहा है। विरोध प्रदर्शन की शुरुआत मंहगाई के कारण हुई थी। पहले व्यापारी और दुकानदार ने प्रदर्शन किया। बाद में 10 से अधिक विश्वविद्यालय के छात्र भी इसमें कूद पड़े। अब अधिकांश प्रदर्शनकारी ईरान में सत्ता पलटने की मांग कर रहे हैं। खुले तौर पर 'मुल्ला शासन के अंत' की नारेबाजी की जा रही है। खामनेई की मौत की आवाज उठ रही है। ईरान के राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन में करीब 45 लोगों की जान गई है। वहीं 2000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। ईरान की सरकार पूरी ताकत से विरोध प्रदर्शन को कुचलने में जुटी है।