पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग छिड़ गई है। दोनों देश एक-दूसरे पर उकसाने और आतंकियों को शरण देने का आरोप लगा रहे हैं। गुरुवार शाम को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए जिसमें दर्जनों अफगानियों के मारे जाने की खबर है। पाकिस्तान का कहना है कि उसके कई इलाकों में अफगानिस्तान के तालिबान के लोगों ने हिंसा फैलाने की कोशिश की है। अब पाकिस्तान ने युद्ध का एलान कर दिया है और इसे 'ऑपरेशन गजब लिल-हक' नाम दिया है। कई देशों ने मध्यस्थता करके शांति स्थापित कराने की कोशिश भी की है लेकिन बात नहीं बनी। ऐसे में चर्चा हो रही है कि अगर पाकिस्तान और अफगानिस्तान का युद्ध लंबा खिंचता है तो कौन भारी पड़ेगा? छोटी सेना के बावजूद अफगानिस्तान कई देशों पर भारी पड़ चुका है ऐसे में उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है।

 

अगर दोनों देशों की तुलना की जाए तो पाकिस्तान बड़ा है और अफगानिस्तान थोड़ा छोटा है। पाकिस्तान का क्षेत्रफल 2.97 लाख वर्ग मील है और अफगानिस्तान का क्षेत्रफल 2.51 लाख वर्ग मील है। पाकिस्तान की आबादी लगभग 25 करोड़ है तो अफगानिस्तान की आबादी सिर्फ 4.26 करोड़ ही है। वहीं, बजट की बात करें तो पाकिस्तान का बजट लगभग 63 बिलियन डॉलर के बराबर है जबकि अफगानिस्तान का बजट लगभग 17.2 बिलियन के बराबर है। इन तीनों ही मामलों में अफगानिस्तान पीछे है।

सैन्य ताकत किसकी ज्यादा है?

अफगानिस्तान में सैनिकों की संख्या सिर्फ 1.72 लाख के आसपास है जबकि पाकिस्तान में 6.6 लाख से ज्यादा जवान हैं। इस मामले में पाकिस्तान की सेना लगभग 4 गुना बड़ी नजर आती है। पाकिस्तान के पास जहां 331 एयरक्राफ्ट हैं, वहीं अफगानिस्तान के पास एक भी एयरक्राफ्ट नहीं है। इस मामले में अफगानिस्तान काफी कमजोर पड़ सकता है। दुनिया के देशों की सैन्य ताकत मापने वाले ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स में देखें तो पाकिस्तान 14वें नंबर पर है और अफगानिस्तान 145वें पर है। 

 

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बख्तरबंद गाड़ियों की बात करें तो इस मामले में भी अफगानिस्तान बेहद पीछे है। उसके पास जहां सिर्फ 3902 गाड़ियां हैं तो पाकिस्तान के पास ऐसी 59 हजार से ज्यादा गाड़ियां हैं। अफगानिस्तान के पास हवाई ताकत के नाम पर सिर्फ 6 एयरक्राफ्ट और 23 हेलिकॉप्टर हैं लेकिन वे भी बेहद पुराने हैं। वहीं, पाकिस्तान के पास 1397 एयरक्राफ्ट है। 

 

पाकिस्तान के पास 2677 टैंक, 662 सेल्फ प्रोपेल्ट आर्टिलरी यूनिट, 2629 टावर्ड आर्टिलरी और 652 मोबाइल रॉकेट प्रोजेक्टर  हैं। वहीं, इस मामले में भी अफगानिस्तान बेहद कमजोर स्थिति में हैं। पाकिस्तान के पास लंबी दूर तक मार करने वाली कई मिसाइल हैं जबकि अफगानिस्तान के पास स्टिंगर MANPAD  और SA-24 जैसी मिसाइल है जिनकी रेंज 6 से 8 किलोमीटर तक है।

कौन कितने पैसे खर्च करता है?

पाकिस्तान अपनी सेना पर लगभग 9.1 बिलियन डॉलर खर्च करता है और इस खर्च के मामले में 38वें नंबर पर है। वहीं, अफगानिस्तान सिर्फ 145 मिलियन डॉलर खर्च करता है और 136वें नंबर पर है।

 

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फिर भी क्यों नहीं हारता अफगानिस्तान?

 

छोटी आर्मी और कम हथियारों के बावजूद अफगानिस्तान ने सोवियत यूनियन और अमेरिका जैसे देशों को पटखनी दे दी थी। इसकी वजह है कि अफगानिस्तान का ज्यादातर क्षेत्र पहाड़ी, पठारी और ऊबड़-खाबड़ है। ऐसे इलाकों में गुरिल्ला वॉर लड़ी जाती हैं और अफगानी इसमें माहिर हैं। स्थानीय लोगों की मदद और जगह की एकदम सटीक जानकारी के चलते कम हथियारों के साथ भी अफगानिस्तानी सेना विध्वंसक हमले कर सकने में सक्षम है।

 

यही वजह है कि अफगानिस्तान मारने, भागने, छिपने, इंतजार करने और फिर हमला करने में भरोसा करता है। अफगानिस्तान में मौजूदा समय में तालिबान की सत्ता है और इस तालिबान को पाकिस्तान ने ही पाला पोसा है, ऐसे में तालिबानी भी उसे अच्छे से समझते हैं।