पश्चिमी एशिया में जारी बमबारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। ईरान की ओर से सऊदी अरब, बहरीन और इजरायल को निशाना बनाया जा रहा है। दूसरी तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। स्कूल पर हमले करने के आरोप को अमेरिका ने खारिज किया है। इजरायल ने ईरान पर आरोप लगाए हैं वह आम नागरिकों पर हमले कर रहा है। इजरायल का यह भी दावा है कि वह ईरान के आम लोगों की बजाय आतंकियों पर हमले कर रहा है। इजरायल ने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बयान जारी करके कहा है कि जल्द ही ईरान के लोगों पर होने वाला अत्याचार खत्म होने वाला है और जब यह खत्म होगा तो मदद के लिए इजरायल और अमेरिका मौजूद रहेंगे।
बहरीन और रियाद पर हुए हमलों के चलते स्थिति और बिगड़ती जा रही है। उधर इजरायल लगातार ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। इस बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा है कि वे अरब के देशों से तुरंत निकल जाएं। अमेरिका ने एक अलर्ट जारी करके कहा है कि इन देशों में जो लोग भी मौजूद हैं, वे जैसे चाहें, वैसे वहां से निकल जाएं।
रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला
वहीं, सऊदी अरब के रियाद में स्थित अमेरिका दूतावास पर ड्रोन अटैक हुआ है। इसके बाद अमेरिका ने जेद्दा, रियाद और धहरान के लिए अलर्ट जारी किया है कि इन जगहों पर रह रहे अमेरिकी नागरिक तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाएं। साथ ही, लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए अपना प्लान बनाएं।
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इससे पहले रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया जिसके चलते वहां आग लग गई। फिलहाल किसी के मारे जाने की खबर नहीं है।
इजरायल पर हमला और पलटवार
इजरायली एयर फोर्स ने ईरान की ओर से हुए हमले की जानकारी देते हुए बताया है, 'हमने पाया है कि ईरान की ओर से इजरायल पर मिसाइलें दागी गई हैं। इन मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के लिए डिफेंस सिस्टम चालू है। पिछले कुछ मिनटों में होम फ्रंट कमांड ने संबंधित इलाकों के मोबाइल फोन्स पर कुछ निर्देश भेजे हैं। जनता से अनुरोध है कि वे जिम्मेदारी निभाएं और निर्देशों के हिसाब से काम करके जान बचाएं। अलर्ट मिलने के बाद आपको सुरक्षित जगहों पर चले जाना है और अगली घोषणा तक वहीं रहना है।'
इजरायल ने भी ईरान पर नए हमले किए हैं। इसके बारे में इजरायली एयर फोर्स ने लिखा है, 'एयर फोर्स ने पश्चिमी ईरान में ईरानी आतंकी शासन के 5 ठिकानों को निशाना बनाते हुए 3 ड्रोन स्ट्राइक की हैं। इस हमले के तहत एयर फोर्स ने ईरानी शासन के दर्जनों मिसाइल लॉन्चर, डिफेंस सिस्मट और अन्य हथियारों पर दर्जनों बम गिराए गए हैं। अभी तक ऑपरेशन रोरिंग लायन के तहत ईरान के दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइल ऐरे और डिफेंस सिस्टम को तबाह किया जा चुका है।'
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बहरीन पर ड्रोन अटैक
इस बीच अमेरिका में बहरीन के राजदूत अब्दुला अल खलीफा ने एक X पोस्ट में लिखा है कि ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से बहरीन पर हमला किया है। वह लिखते हैं, 'बहरीन के एयर डिफेंस ने ईरान की 70 मिसाइलों और 59 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है जिनके जरिए हमें निशाना बनाया गया था। आम लोगों को निशाना बनाया संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। हमारे पास पूरा अधिकार है कि हम इसका जवाब दें।'
नेतन्याहू ने क्या कहा है?
इजरायली लोगों को संबोधित करते हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है, 'ईरान आम लोगों पर हमले कर रहा है और हम आम लोगों को बचाने के लिए ईरान के आतंकी शासन पर हमले कर रहे हैं। हमारा यह अभियान मौजूदा खतरे को खत्म करने और ईरान के बहादुर लोगों पर हो रहे अत्याचार को खत्म करने के लिए है। वह दिन नजदीक है और जब वह दिन आएगा तब इजरायल और अमेरिका वहां मौजूद रहेंगे।' उन्होंने इजरायल के लोगों से अपील की है कि वे होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करें।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पूरी दुनिया के लिए खतरा है और इजरायली सेना की कार्रवाई का उद्देश्य केवल इजरायल की नहीं, बल्कि पूरे विश्व की सुरक्षा करना है। बेत शेमेश पर रविवार को हुए ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद वहां का दौरा करते समय नेतन्याहू ने कहा, 'यह ऑपरेशन ‘रोरिंग लॉयन’ का तीसरा दिन है। इजरायली सेना और इजराइल सरकार ने हमारे मित्र अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मिलकर इजरायल के अस्तित्व को होने वाले खतरे और अमेरिका और पूरी दुनिया के लिए बड़े खतरों को नष्ट करने के लिए यह अभियान शुरू किया है।'
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बता दें कि बेत शेमेश में एक मिसाइल गिरने से नौ लोग मारे गए और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। यह क्षेत्र यरूशलम से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित है। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की धमकियां इजरायल और अमेरिका तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यूरोप और अन्य क्षेत्रों तक भी फैल गई हैं। उन्होंने साइप्रस में ब्रिटेन के एक सैन्य ठिकाने पर ईरान के हमले की ओर इशारा करते हुए कहा, 'वे जोर-जोर से कह रहे हैं- इजरायल मुर्दाबाद, अमेरिका मुर्दाबाद। यही उनका अंतिम लक्ष्य है लेकिन मैंने कहा था कि वे बीच में आने वालों को भी निशाना बनाएंगे। वे यूरोप को भी निशाना बनाएंगे और उन्होंने किया। अगर यह आतंकवादी शासन... परमाणु हथियार और उनके इस्तेमाल के साधन, बैलिस्टिक और इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें हासिल कर लेता है तो यह पूरी दुनिया को धमकाएगा। इसलिए हमने अपनी रक्षा करने का संकल्प लिया है लेकिन ऐसा करते हुए, हम दूसरों की भी रक्षा कर रहे हैं।'
