होर्मुज की खाड़ी को खोलने की कवायद शुरू हो चुकी है। ओमान की राजधानी मस्कट में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें ईरान और ओमान के विदेश मंत्रालय के उप मंत्री और विशेषत्र पहुंचे। दोनों पक्षों ने तमाम विकल्प और कई प्रस्तावों को एक-दूसरे के साथ साझा किया, ताकि मौजूदा स्थिति में भी होर्मुज की खाड़ी से यातायात को सामान्य किया जा सके।

 

ओमान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि चार अप्रैल 2026 को दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों में उप-मंत्रियों के स्तर पर एक बैठक आयोजित की। इसमें दोनों पक्षों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस बैठक में क्षेत्र में मौजूदा परिस्थितियों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से पारगमन के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने के संभावित विकल्पों पर बातचीत हुई। बैठक में दोनों पक्षों के विशेषज्ञों ने कई दृष्टिकोण और प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इनका आगे अध्ययन किया जाएगा।

 

 

 

 

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ट्रंप के आगे झुकने को ईरान तैयार नहीं

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे अहम शिपिंग रूट में से एक है। यहां से वैश्विक तेल जरूरत का 20 फीसद हिस्सा गुजरता है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल हमले के बदले में ईरान ने यहां यातायात को बाधित कर दिया है। अब उनकी इजाजत के बगैर कोई जहाज नहीं गुजरता है। होर्मुज की खाड़ी बंद होने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान पर भारी तबाह बना रहा है, ताकि खाड़ी को खुलवाया जा सके, लेकिन तेहरान झुकने को तैयार नहीं है।

 

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खाड़ी में अब भी तीन हजार जहाज फंसे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज की खाड़ी के पास अब भी तीन हजार से अधिक जहाज फंसे हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी आईआरजीसी ने भारत, पाकिस्तानी, फ्रांस और तुर्की समेत कुछ देशों के जहाजों को अनुमति दी है। रविवार को भी एक इराकी तेल टैंकर ईरान की अनुमति के बाद यहां से गुजरा। इसके अलावा लारक द्वीप के पास ओमान के तीन जहाज भी गुजरते दिखे। हाल ही में ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर 48 घंटे में होर्मुज की खाड़ी को नहीं खोला गया तो वे हर तरह तबाही मचा देंगे।