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क्या खाड़ी देशों को प्यासा मारने की साजिश? ईरान ने मचा दी बड़ी तबाही

बहरीन के बाद ईरान ने अब कुवैत के दो वॉटर डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया है। इन प्लांटों में समुद्री पानी को शुद्ध करके पीने योग्य बनाया जाता है।

US and Iran War

खाड़ी देशों पर ईरान ने मचाई तबाही। (Photo Credit: X/@MarioNawfal)

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने पूरे खाड़ी देशों में भीषण तबाही मचा दी है। कुवैत में बिजली प्लांट और पानी को मीठा करने वाले दो संयंत्रों पर ड्रोन से हमला हुआ है। बहरीन की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया। बहरीन की सरकार ने जानकारी दी है कि युद्ध शुरू होने के बाद से उसने ईरान की 188 मिसाइलों और 466 ड्रोनों को रोका है।

 

उधर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) स्थित बोरौज पेट्रोकेमिकल्स प्लांट में भी हमले के बाद आग लग गई। सऊदी अरब पर भी क्रूज मिसाइल से हमले की सूचना है। बहरीन में ही एक अन्य गल्फ पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्रीज कंपनी की कई इकाइयों पर ड्रोन से हमला किया गया। बहरीन सरकार की कंपनी बीएपीसीओ एनर्जीज के तेल भंडार को भी निशाना बनाया गया।

 

 

 

 

यह भी पढ़ें: दाना-पानी के लिए तरस जाएगा ईरान? किन क्रूज मिसाइलों से तबाही मचाएगा ईरान?

 

कुना समाचार एजेंसी के मुताबिक कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन की कई सुविधाओं पर ड्रोन हमले में बड़ा नुकसान हुआ है। दमकलकर्मी प्लांट में लगी आग को काबू पाने में जुटे हैं। कुवैत के बिजली-पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा अब्बास जोहर हयात ने बताया कि हमले के कारण रात भर में दो प्लांटों को गंभीर भौतिक नुकसान पहुंचा है। बिजली बनाने वाली दो यूनिटें बंद हो गईं। रातभर हुए हमलों में शुवैख तेल परिसर में आग लग गई। एक सरकारी दफ्तर को भारी नुकसान पहुंचा है।

यूएई ने 50 ड्रोन को मार गिराया

संयुक्त अरब अमीरात ने बताया कि पिछले 24 घंटे 10 मिसाइल और 50 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया। यह भी बताया कि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ है। 28 फरवरी की जंग के बाद से यूएई ने 24 क्रूज, 507 बैलेस्टिक मिसाइल और 2,191 ड्रोन को मार गिराया है। सशस्त्र बलों के दो जवान समेत 10 लोगों की जान गई है। 

 

 

 

 

यह भी पढ़ें: 'US के दो प्लेन और दो हेलीकॉप्टर तबाह', वीडियो जारी करके ईरान ने किया दावा

हमलों के पीछे ईरान का संदेश

28 फरवरी को जंग के बाद से ईरान ने पहली बार खाड़ी देशों के नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया है। कुवैत में पानी मीठा करने वाले दो संयंत्रों पर हमला बड़ा संकट खड़ा कर सकते हैं। इसकी वजह यह है कि कुवैत को अपने पीने योग्य पानी का 90 फीसद आपूर्ति इन्हीं प्लांटों से होती है। 

 

 

 

 

इन प्लांटों पर हमला के पीछे ईरान का एक संदेश भी हो सकता है। माना जा रहा है कि तेहरान खाड़ी देशों का आगाह कर रहा है कि आने वाले दिनों में पानी के संयंत्रों को निशाना बनाया जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और यूएई में तबाही मचनी तय है। यहां अधिकांश आबादी को इन्हीं प्लांटों से पानी मिलता है।

 


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