अमेरिका के न्याय विभाग ने एक पाकिस्तानी नागरिक पर अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश का आरोप लगाया है। आरोपी की पहचान आसिफ मर्चेंट के रूप में हुई है। आसिफ मर्चेंट पर ईरान से जुड़े होने का भी शक जताया गया है। आरोप है कि उसने 2024 में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति जो बाइडेन और रिपब्लिकन नेता निक्की हेली की हत्या की योजना बनाई थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक उसने दो लोगों को 5,000 डॉलर देकर हत्या कराने की कोशिश की। बाद में पता चला कि दोनों लोग एफबीआई के अंडरकवर एजेंट थे। 

 

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह साजिश 2024 में रची गई थी। आसिफ मर्चेंट पर जुलाई 2024 में इल्जाम लगाया गया था। जांच के दौरान वह एक मुखबिर से बात करते हुए रिकॉर्ड हो गया था। बातचीत के दौरान उसने एक कागज पर हत्या की योजना बनाकर दिखाई थी। इसी दौरान उसने दो लोगों को हत्यारे के रूप में भर्ती करने की कोशिश की थी। 

 

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ईरान कनेक्शन का शक

जांच एजेंसियों का कहना है कि आसिफ मर्चेंट ने पूछताछ में बताया कि उसे अप्रैल 2024 में एक ईरानी हैंडलर ने अमेरिका जाने और किसी की हत्या करवाने का निर्देश दिया था। मर्चेंट के मुताबिक उस व्यक्ति ने किसी का नाम नहीं बताया था लेकिन बातचीत में उसने तीन नामों का जिक्र किया था डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडेन और निक्की हेली। एफबीआई क्रिस्टोफर रे ने मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि यह साजिश ईरानी शासन के तौर-तरीकों से मेल खाती है। आरोपपत्र में ट्रंप का नाम सीधे तौर पर नहीं लिखा है। लॉ एनफोर्समेंट ऑफिसर ने बताया कि ट्रंप टारगेट पर थे। अदालत के दस्तावेजों में भी ट्रंप का जिक्र किया गया है।

परिवार को धमकी, मजबूरी में किया काम

अदालत में सुनवाई के दौरान आसिफ मर्चेंट ने दावा किया कि उसने यह कदम अपने परिवार की सुरक्षा के डर से उठाया है। उसने कहा कि उसके रिश्तेदार ईरान में रहते हैं और उन्हें धमकी दी गई थी। उर्दू प्रिडेटर के माध्यम से उसने अदालत को बताया, 'मेरे परिवार को धमकी दी गई थी और मुझे यह करने के लिए मजबूर किया गया। मैं इसे अपनी इच्छा से नहीं करना चाहता था।' आसिफ मर्चेंट ने यह भी बताया कि शुरुआत में उसे अमेरिका में ऐसे लोगों को ढूंढने को कहा गया था जो ईरान के लिए काम कर सकें। बाद में उससे कहा गया कि वह ऐसे अपराधियों को भर्ती करे जो विरोध प्रदर्शन कर सकें, चोरी कर सकें, पैसा इधर-उधर कर सकें और जरूरत पड़ने पर हत्या भी कर सकें।

 

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कौन है आसिफ मर्चेंट?

47 साल के आसिफ मर्चेंट ने पाकिस्तान में करीब दो साल तक बैंकिंग में काम किया था। बाद में वह कपड़ों के व्यापार, कार बिक्री, केले के निर्यात और इन्सुलेशन आयात जैसे कई कारोबारों में शामिल रहा है। उसने यह भी दावा किया कि उसका दो परिवार हैं एक पाकिस्तान में और दूसरा ईरान में है। वहीं उसकी मुलाकात 2022 में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से हुई थी।

 

अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया कि मर्चेंट ने ट्रंप की रैलियों की जानकारी जुटाने की कोशिश की थी। उसने एक राजनीतिक रैली में हमला करने की योजना का स्केच भी बनाया था। उसने अपने एक रिश्तेदार से 5,000 डॉलर भी जुटाए थे, ताकि हत्यारों को भुगतान कर सके। 

 

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तनाव के बीच सामने आया हत्या की साजिश का मामला

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम से सैन्य अभियान शुरू किया था। इस कार्रवाई को अमेरिकी कांग्रेस की अनुमति के बिना शुरू करने पर कई डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने भी आलोचना की है।