मिडिल ईस्ट में जारी ईरान, अमेरिका और इजरायल की जंग को करीब दो हफ्ते पूरे होने वाले हैं। अमेरिका और ईरान दोनों आमने-सामने हैं। इस बीच जंग के मैदान से खबर आई है कि अमेरिका को इस जंग में एक बड़ा झटका लगा है। जानकारी के अनुसार, ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में शामिल KC-135 एयर रिफ्यूलर विमान क्रैश हो गया है। यह विमान जंग में शामिल अमेरिकी लड़ाकू विमानों को हवा में ही तेल देने का काम कर रहा था ताकि लड़ाकू विमान को बार-बार लैंड करने की जरूरत ना पड़े।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस क्रैश के बारे में जानकारी देते हुए बयाता कि KC-135 एयर रिफ्यूलर विमान क्रैश हो गया है और इसमें 5 क्रू मेंबर सवार थे। सेंट्रल कमांड ने बताया कि यह हादसा ना तो दुश्मन की गोलीबारी में हुआ है और ना ही फ्रेंडली फायर की वजह से। फिलहाल सेना रेस्कयू ऑपरेशन कर रही है और इस हादसे के कारणों की जांच चल रही है।
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सेना ने जारी किया बयान
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, 'यूएस सेंट्रल कमांड को यूएस के रिफ्यूलर विमान के नुकसान की जानकारी है। यह घटना ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान फ्रेंडली हवाई क्षेत्र में हुई और बचाव प्रयास जारी हैं। घटना में दो विमान शामिल थे। एक विमान पश्चिमी इराक में गिर गया और दूसरा सुरक्षित रूप से लैंड कर गया है। प्लेन न तो दुश्मन देश की फायरिंग से क्रैश हुआ न फ्रेंडली फायर में क्रैश हुआ।' अमेरिकी सेना ने कहा कि जैसे-जैसे स्थिति आगे बढ़ेगी इस हादसे के बारे में ज्यादा जानकारी शेयर की जाएगी। इसके साथ ही सेना ने जवानों के परिवारों और लोगों से धैर्य रखने की अपील भी की।
अब तक अमेरिका के चार विमान गिरे
ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेना के ऑपरेशनों के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने वाले अमेरिकी विमानों में यह चौथा विमान है, जिनकी सार्वजनिक रूप से पुष्टि हुई है। इससे पहले अमेरिका के तीन लड़ाकू विमान गलती से कुवैत में अपनी ही सेना की गोलीबारी यानी फ्रेंडली फायर से मार गिराए थे। अब तक अमेरिका ने सिर्फ चार विमानों के नुकसान की ही पुष्टि की है।
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दो हफ्तों से जारी संघर्ष
अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर 28 फरवरी को हमला किया था, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर समेत कई सीनियर अधिकारे मारे गए थे। इसके बाद से मिडिल ईस्ट में संघर्ष जारी है। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया। इसके बाद से जंग और ज्यादा बढ़ गई। मिडिल ईस्ट के इस संघर्ष से पूरी दुनिया में तेल संकट पैदा हो गया है। ईरान ने साफ-साफ धमकी दी है कि उसके खिलाफ कोई भी हमला हुआ तो सेना सिर्फ अपना बचाव नहीं करेगी, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट के तेल-गैस सिस्टम को तबाह कर देगा। अमेरिका और उसके दोस्तों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, अमेरिका भी कह रहा है कि वह इस जंग में जीत की ओर बढ़ रहा है।
