भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बन गई है। सोमवार की रात डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। मगर सबसे अधिक चर्चा कृषि और रूस से तेल न खरीदने की हो रही है। ट्रंप का दावा है कि भारत ने रूस से तेल नहीं खरीदने पर सहमति जताई है। वह रूस की जगह अमेरिका या वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेगा। पीएम मोदी ने भी ट्रंप के साथ हुई बातचीत की पुष्टि की, लेकिन यह नहीं बताया कि भारत रूस से तेल खरीदेगा या नहीं। पीएम मोदी के बयान में कृषि क्षेत्र का भी उल्लेख नहीं है। 

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर रूस ने भी प्रतिक्रिया दी। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, इस मामले में नई दिल्ली की तरफ से हमें कोई जानकारी नहीं मिला है। रूस भारत के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है और अपनी रणनीतिक साझेदारी को विकसित करना जारी रखेगा।

 

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ट्रेड डील पर ट्रंप ने क्या दावा किया?

डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सोमवार को फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिका अब भारतीय सामान पर 25 फीसद रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 फीसद करेगा। बदले में भारत भी अमेरिका सामान पर टैरिफ को शून्य करेगा। इस बीच मूडीज रेटिंग्स ने अपने एक बयान में कहा कि दोनों देशों के बीच यह ट्रेड डील भारत के एक्सपोर्ट ग्रोथ को मजबूत करेगी।

 

रूसी तेल के मुद्दे पर भी मूडीज ने कहा कि भारत ने रूस से तेल की खरीद कम की है, लेकिन पूरी खरीद को तुरंत बंद करना संभव नहीं है। यह भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए नुकसानदायक हो सकता है। रूस के अलावा किसी अन्य बाजार से पूरी तरह तेल खरीदने से आपूर्ति में कमी आ सकती है। कीमतें भी बढ़ सकती हैं। 

 

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पीएम मोदी के बयान में रूस और कृषि का जिक्र ही नहीं

ट्रंप के लंबे चौड़े मैसेज के जवाब में पीएम मोदी ने सिर्फ इतना ही लिखा, आज अपने प्यारे दोस्त राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा। खुशी है कि अब मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स पर टैरिफ 18% कम हो जाएगा। इस शानदार घोषणा के लिए भारत के 1.4 अरब लोगों की तरफ से राष्ट्रपति ट्रंप को बहुत-बहुत धन्यवाद। पीएम मोदी ने अपने बयान में कहीं भी रूस से तेल न खरीदने और कृषि क्षेत्र को खोलने की बात नहीं कही है।